गुजरात चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल करने का सिलसिला जारी है. मंगलवार को राहुल में ट्वीट कर पीएम मोदी से देश में बढ़ती महंगाई को लेकर सवाल किया. लेकिन इस ट्वीट को उन्होंने हटा दिया था. कहा जा रहा है कि राहुल ने अपने ट्वीट में महंगाई का गलत आंकड़ा दिया था. हालांकि, बाद में उन्होंने आंकड़ों में सुधार कर दोबारा सवाल को ट्वीट किया.

राहुल का नया ट्वीट

राहुल ने जो नया ट्वीट किया है, वह पुराने जैसा ही है. बस इसमें जो बढ़ोतरी के आंकड़े हैं उन्हें रुपए के आधार पर दिया है. इससे पहले वाले ट्वीट में उन्होंने बढ़ोतरी वाले आंकड़ों को प्रतिशत के हिसाब से दिया था.

क्या था राहुल का पुराना ट्वीट?

राहुल ने पीएम मोदी से 7वां सवाल ट्वीट करते ट्वीट लिखा, ‘जुमलों की बेवफाई मार गई, नोटबंदी की लुटाई मार गई, GST सारी कमाई मार गई, बाकी कुछ बचा तो महंगाई मार गई. बढ़ते दामों से जीना दुश्वार बस अमीरों की होगी भाजपा सरकार?’

राहुल ने अपने ट्वीट में कुछ आंकड़ों का भी जिक्र किया है जो देश में बढ़ती महंगाई की ओर इशारा कर रहे हैं. इसमें बताया गया है कि साल 2014 से 17 के बीच गैस सिलिंडर से लेकर दाल, प्याज, दूध, डीजल, टमाटर जैसी वस्तुओं के दाम दोगुने से ज्यादाबढ़ गए हैं.

मोदी को घेरने की रणनीति

गुजरात में विधानसभा चुनाव के बीच कांग्रेस ने रणनीति बनाई है कि राहुल गांधी रोज प्रधानमंत्री मोदी से एक सवाल पूछेंगे. राहुन ने अपने पहले सवाल में गुजरात में आवास देने का वादा, दूसरे में गुजरात सरकार पर कर्ज का मामला और तीसरे में बिजली आपूर्ति का मुद्दा उठाया था. इसके बाद राहुल ने राज्य में शिक्षा व्यवस्था और गुजरात में महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य का मुद्दा उठाते हुए प्रधानमंत्री मोदी को निशाने पर लिया था.

ये हैं अभी तक के 6 सवाल…

वेतन आयोग पगार पर दागा था सवाल

राहुल गांधी अभी तक कुल छ: सवाल पूछ चुके हैं. छठा सवाल पूछते हुए वेतन आयोग पगार पर सवाल उठाए. राहुल ने अपने ट्वीट में पूछा कि ”भाजपा की दोहरी मार एक तरफ युवा बेरोजगार दूसरी तरफ़ लाखों फिक्स पगार और कांट्रैक्ट कर्मचारी बेज़ार 7वें वेतन आयोग में ₹18000 मासिक होने के बावजूद फिक्स और कांट्रैक्ट पगार ₹5500 और ₹10000 क्यों? ‘

महिला सुरक्षा को लेकर पूछा था प्रश्न (पांचवा सवाल) 

राहुल ने रविवार को ट्विटर पर 5वां सवाल करते हुए गुजरात में महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य का मामला उठाया था. राहुल ने पीएम मोदी से सवाल करते हुए 22 साल तक गुजरात में सत्ता संभालने वाली बीजेपी को निशाने पर लिया था.

राहुल ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘न सुरक्षा, न शिक्षा, न पोषण, महिलाओं को मिला तो सिर्फ़ शोषण, आंगनवाड़ी वर्कर और आशा, सबको दी बस निराशा, गुजरात की बहनों से किया सिर्फ़ वादा, पूरा करने का कभी नहीं था इरादा’. ने इस सवाल के साथ राहुल ने हैशटेग गुजरात मांगे जवाब भी लिखा है.

शिक्षा पर मांगा जवाब (चौथा सवाल )

#गुजरात_मांगे_जवाब के साथ राहुल गांधी ने सुबह अपना चौथा सवाल ट्वीट किया. इस ट्वीट में उन्होंने ‘प्रधानमंत्रीजी- चौथा सवाल’ शीर्षक के साथ लिखा, ‘सरकारी स्कूल-कॉलेज की कीमत पर, किया शिक्षा का व्यापार, महँगी फीस से पड़ी हर छात्र पर मार, New India का सपना कैसे होगा साकार?’

बिजली आपूर्ति पर तंज (तीसरा सवाल)

राहुल का तीसरा सवाल गुजरात में बिजली आपूर्ति से जुड़ा हुआ है. राहुल ने ट्वीट कर मोदी से पूछा कि 2002-16 के बीच 62 हजार 549 करोड़ की बिजली खरीद कर 4 निजी कंपनियों की जेब क्यों भरी? साथ ही राहुल गांधी ने गुजरात सरकार पर सरकारी बिजली कारखानों की क्षमता घटाने का आरोप लगाया है. राहुल ने कहा कि सरकारी बिजली कारखानों की क्षमता 62 प्रतिशत घटाई लेकिन निजी कंपनी से 3 रुपये प्रति यूनिट की बिजली 24 रुपये में क्यों खरीदी?

कर्ज पर साधा निशाना (दूसरा सवाल)

राहुल का दूसरा सवाल था कि 1995 में गुजरात पर 9,183 करोड़ रुपये का कर्ज था और 2017 में गुजरात पर 2,41,000 करोड़ का कर्ज है. यानी हर गुजराती पर 37 हजार रुपये का कर्ज है. इन आंकड़ों को सामने रखते हुए राहुल गांधी ने पूछा है कि नरेंद्र मोदी के वित्तीय कुप्रबंधन और पब्लिसिटी की सजा गुजरात की जनता क्यों चुकाए?

आवास से शुरू किया था सिलसिला (पहला सवाल)

राहुल ने 29 नवंबर को अपने सवालों का सिलसिला शुरू किया था. कांग्रेस उपाध्यक्ष ने ट्वीट करते हुए पहला सवाल पूछा, ’22 सालों का हिसाब, गुजरात मांगे जवाब, गुजरात के हालात पर प्रधानमंत्रीजी से पहला सवाल: 2012 में वादा किया कि 50 लाख नए घर देंगे, 5 साल में बनाए 4.72 लाख घर. प्रधानमंत्रीजी बताइए कि क्या ये वादा पूरा होने में 45 साल और लगेंगे’. राहुल गांधी पिछले चुनाव में बीजेपी की ओर से किए गए चुनावी वादों की याद दिला रहे हैं.