आम आदमी पार्टी (आप) के नेता कुमार विश्वास के कुछ समर्थकों ने गुरुवार को पार्टी दफ्तर में प्रदर्शन कर उनके लिए राज्यसभा सीट की मांग की। आप नेतृत्व से नाराज चल रहे समर्थकों ने दोपहर तीन बजे से शाम सात बजे तक धरना दिया। उन्होंने धरना तब खत्म किया जब विश्वास ने ट्वीट किया कि वह अपने नाम पर किसी ”हंगामे को पसंद न विश्वास ने ट्वीट किया, ”कृपया 26 नवंबर की मेरी अपील का ध्यान रखें, देश पहले, पार्टी बाद में और व्यक्ति सबसे अंत में। स्वराज के लिए लड़ें। बुनियादी चीजों, पारदर्शिता की तरफ लौटें। लेकिन मेरे नाम पर मैं किसी हंगामे को पसंद नहीं करूंगा। अभिमन्यु मरकर भी वीरगति को प्राप्त होता है ।

आप में हलचल तेज, ये प्रत्याशी हैं रेस में

राज्यसभा चुनाव की पिछले शुक्रवार को तारीख तय होने के बाद आम आदमी पार्टी में हलचल शुरू हो गई है। पार्टी नेता अपने-अपने तरीके से राज्यसभा में जाने की जुगत भिड़ा रहे हैं। हालांकि, अभी तक पार्टी की ओर से इस बाबत कोई निर्णय नहीं लिया गया है। ‘आप’ के राजनीतिक मामलों की कमेटी (पीएसी) ही राज्यसभा के प्रत्याशियों का नाम तय करेगी। पीएसी की बैठक अगले सप्ताह हो सकती है। ‘आप’ नेताओं की मानें तो तीन में से एक सीट पर महिला प्रत्याशी को खड़ा करने की उम्मीद है। पार्टी से बाहर के लोगों को राज्यसभा में भेजने का मामला ठंडा पड़ गया है।

पहले यह योजना थी : अगर रघुराम राजन मान जाते तो आम आदमी पार्टी राज्यसभा की बाकी दोनों सीटों के लिए भी इसी तरह के लोगों की तलाश करती। राज्यसभा के लिए पार्टी में मची अंदरूनी कलह को खत्म करने के लिए ऐसा कदम उठाया गया था। ‘आप’ नेतृत्व ने राजनीति में सक्रिय लोगों को राज्यसभा की दौड़ से बाहर रखने के लिए गुपचुप तैयारी की थी। बाद में जब राजन ने मना कर दिया तो पार्टी ने इस योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया।

फिलहाल ‘आप’ की पीएसी में मुख्यमंत्री एवं पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, कुमार विश्वास, संजय सिंह, आशुतोष, अतिशी मार्लेना, साधु सिंह, गोपाल राय और दुर्गेश पाठक हैं। पंकज गुप्ता और दीपक वाजपेयी भी पीएसी के पदेन सदस्य हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि संजय सिंह, आशुतोष, दिलीप पांडे और दुर्गेश पाठक भी राज्यसभा के लिए प्रबल दावेदार हैं। कुमार विश्वास के नाम पर कोई नहीं बोला।