साल का आख‍िरी महीना है. दिसंबर महीने में कार कंपनियों की तरफ से नई कारों की खरीद पर बड़ी छूट दी जा रही है. कई कंपन‍ियां तो डेढ़ लाख रुपये तक डिस्काउंट भी दे रही हैं. अक्सर दिसंबर महीने में नई कारों की खरीद पर भारी छूट मिलती है, लेक‍िन इसके बाद भी आपको इस महीने में कार लेने से बचना चाहिए. आगे जानिए क्यों हम ऐसा कह रहे हैं.

दरअसल कार मैन्युफैक्चरिंग का साल कार की रीसेलिंग वैल्यू बढ़ाने और घटाने में अहम भूमिका निभाता है. एक महीने का अंतर आपकी कार की रीसेलिंग वैल्यू को काफी घटा सकता है. ज्यादातर कारों की रीसेलिंग वैल्यू 5 साल में आधी हो जाती है. ऐसे में अगर आप अपनी कार की अच्छी वैल्यू हासिल करना चाहते हैं, तो आपको दिसंबर महीने में कार खरीदने से खुद को रोकना चाहिए. दरअसल दिसंबर महीने में खरीदी गई कार का मैन्युफैक्चरिंग इयर 2017 ही रहेगा, लेक‍िन अगर आप जनवरी महीने में नई कार खरीदते हैं, तो उसका मैन्युफैक्चरिंग इयर 2018 हो जाएगा. इस तरह कार के मैन्युफैक्चरिंग इयर में सीधे एक साल का फर्क आ जाता है.

जैसे हमने पहले भी बताया कि हर कार की रीसेल वैल्यू 5 साल में आधी हो जाती है. ऐसे में अगर आप दिसंबर, 2017 में कोई कार ले रहे हैं, तो 2022 तक उसकी रीसेल वैल्यू कम हो जाएगी और आपको कई लाख रुपये कम दाम पर इसे बेचना पड़ सकता है.

वहीं, अगर आप जनवरी,2018 या उसके बाद कोई नई कार खरीदते हैं, तो उसकी रीसेल वैल्यू दिसंबर 2017 में खरीदी गई कार से एक साल बाद 2023 में कम होगी.

इस तरह सिर्फ एक महीने का फर्क आपकी कार की रीसेल वैल्यू एक साल के अंतराल से घटा देता है. ऐसे में अगर आपको साल के अंत में कार पर ज्यादा डिस्काउंट नहीं मिलता है, तो आपको रीसेलिंग वैल्यू को लेकर समझौता करना पड़ेगा.

इसके अलावा दिसंबर महीने में कार कंपनियां अपने बचे हुए मॉडल बेचने की कोश‍िश करती हैं. इसकी वजह से आपको मॉडल्स को चुनने की आजादी कम मिलती है. वहीं, नये साल में कार कंपनियां अपने पुराने मॉडल्स को अपग्रेड करती हैं. उनमें सुरक्षा मानक और अन्य कई चीजें जोड़ते हैं. इसके साथ ही नये मॉडल भी नये साल में लाए जाते हैं. इससे आपको नये मॉडल चुनने का मौका मिल जाता है. अंत में फैसला आपका : आप दिसंबर में कार खरीदना चाहते हैं या फिर नये साल का इंतजार करना चाहते हैं. इसको लेकर फैसला लेने के लिए आप जो कार ले रहे हैं, उसकी रीसेल वैल्यू को लेकर अनुमान लगाएं. उसके बाद ही फैसला लें कि आप कब खरीदारी करना चाहते हैं.