जीएसटी (गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स) काउंसिल ने रेस्टोरेंट में खाने पर टैक्स में कमी करने का ऐलान किया है. इस फैसले के बाद आपका बिल 5-6 फीसदी सस्ता हो जाएगा. काउंसिल ने सभी रेस्टोरेंट में खाने पर 18 की जगह 5 फीसदी टैक्स लगाने का फैसला किया है. इस फैसले से एक करोड़ या उससे ज्यादा रेवेन्यू वाले रेस्टोरेंट इनपुट टैक्स क्रेडिट के फायदे से दूर हो जाएंगे, क्योंकि वे कंस्यूमर्स को इसका फायदा नहीं दे रहे थे.

वित्त मंत्री

— अरुण जेटली

ने कहा,

वे लोग कंस्यूमर्स को इनपुट टैक्स क्रेडिट का फायदा नहीं पहुंचा रहे थे, इसलिए वे भी इस लाभ के अधिकारी नहीं हैं.

खाना पैक करवाने पर भी आप चुका रहे थे मोटा टैक्स
पहले जीएसटी में यदि रेस्टोरेंट के किसी भी हिस्‍से में एसी लगा है तो भी उस पर 18 फीसदी जीएसटी लगा हुआ था. इसका मतलब है कि यदि कोई व्‍यक्ति एसी रेस्टोरेंट से खाना पैक करवाकर अपने घर ले जाता था तो भी उसे 18 फीसदी जीएसटी देना पड़ रहा था.

सरकार ने दी बड़ी राहत
7500 रुपए या इससे अधिक के रूम रेंट वाले होटलों के लिए इनपुट टैक्‍स क्रेडिट के साथ जीएसटी की दर 18 फीसदी तय की गई है. पहले जीएसटी संरचना में नॉन एसी रेस्‍टॉरेंट पर 12 फीसदी और एसी रेस्टोरेंट पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगता था. फाइव स्‍टार होटल के मामले में यह दर बहुत अधिक 28 फीसदी थी.

फेडरेशन ऑफ होटल्‍स एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने जीएसटी परिषद के सदस्‍यों से मुलाकात कर अपनी मांगों को उनके समक्ष रखा था. फेडरेशन की मांग थी कि सभी तरह के रेस्टोरेंट पर टैक्‍स की दर एक समान 12 फीसदी कर दी जाए.