पटना [जेएनएन]। बहुचर्चित चारा घोटाला मामले में कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है और अब सस्पेंस खत्म हुआ, लालू अब अपना नया साल जेल में ही मनाएंगे। कोर्ट का फैसला सुनते ही लालू ने कहा- ये क्या हुआ? लालू यादव ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक के बाद एक कई ट्वीट कर खुद को जेल भिजवाने के लिए बीजेपी को जिम्मेदार बताया।

लालू ने कहा कि सामाजिक न्याय के लिए उनकी लड़ाई जारी रहेगी। यही नहीं, उन्‍होंने नेल्सन मंडेला, मार्टिन लूथर किंग और बाबा साहेब आंबेडकर की सच के लिए लड़ाई का भी उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि सामंतीवादी ताकतों, जानता हूं, लालू तुम्हारी राहों का कांटा नहीं, आंखों की कील है। इतनी आसानी से नहीं उखाड़ पाओगे।

दरअसल, लालू जगन्नाथ मिश्रा के बरी होने की खबर के बाद आश्वस्त थे कि उन्हें भी बरी ही कर दिया जाएगा, लेकिन अदालत के फैसले ने लालू की परेशानी को बढ़ा दिया है।

चारा घोटाले का फैसला आने के बाद एक ओर तो न्यायिक हिरासत में लालू प्रसाद  जेल भेजे गए तो वहीं कोर्ट में भीड़ बेकाबू हो गई जिसे संभालने में पुलिसकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। राजद कार्यकर्ताओं ने कोर्ट परिसर में जमकर नारेबाजी की और फैसले पर विरोध जताया।

तीन जनवरी को होगा सजा का एलान

लालू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और उन्हें होटवार जेल ले जाया जा रहा है। लालू की सजा का एलान अब तीन जनवरी को होगा। लालू यादव के साथ ही पंद्रह आरोपियों को दोषी करार दिया गया है और जगन्नाथ मिश्रा सहित सात लोगों को रिहा कर दिया गया है। इस मामले में लालू की 1990 की अर्जित संपत्ति भी अटैच की जाएगी।

लालू पहुंचे होटवार जेल

सभी आरोपियों के कोर्ट पहुंचते ही कोर्ट की कार्रवाई शुरू हुई और इस बहुप्रतीक्षित मामले में कोर्ट ने आज अपना फैसला सुनाया है। कोर्ट के बाहर काफी संख्या में राजद के नेता और कार्यकर्ताओं की भीड़ लगी रही। सीबीआई के जज शिवपाल सिंह ने लालू यादव का फैसला सुनाया। फैसले के बाद लालू को होटवार स्थित बिरसा मुंडा जेल ले जाया गया है।

जेल पहुंचने के बाद लालू के चेहरे पर चिंता की रेखाएं साफ देखी जा रही हैं। जेल के बाहर काफी संख्या में समर्थक डटे हुए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक लालू जेल के भीतर सिर्फ दूरदर्शन चैनल देख पाएंगे, उन्हें केबल की सुविधा नहीं मिलेगी।

पटना में राजद में मायूसी, लालू का पोस्टर लेकर दुख जताया

पटना में लालू के आवास के बाहर जहां दिन भर सन्नाटा पसरा रहा वहीं फैसला आने के बाद समर्थकों की चहल-पहल देखी जा रही है। युवा समर्थक लालू का पोस्टर हाथ में थामे मायूस दिख रहे हैं और कहा है कि लालू की लड़ाई जारी रहेगी।

वहीं, राजद नेताओं ने मीडिया से कहा कि लालू की लड़ाई अंतिम समय तक जारी रहेगी। लालू के साथ भेदभाव किया गया। हम उच्च न्यायालय में अपील करेंगे, हम पीछे हटने वाले नहीं हैं।

रिहाई के बाद जगन्नाथ मिश्रा ने कहा-मैं लालू के चिर विरोधी रहा, कभी साथ नहीं था

चारा घोटाला मामले में रिहा होने के बाद बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा ने कहा कि ये सब सीबीआइ का किया धरा था, मैं लालू का चिर विरोधी रहा, कभी साथ नहीं था।

काफी इंतजार के बाद आया ये बड़ा फैसला

पहले फैसले का समय सुबह ग्यारह बजे तय था, लेकिन लालू यादव के वकील चितरंजन प्रसाद ने जानकारी दी थी कि ग्यारह बजे के बदले अब दोपहर तीन बजे तक फैसला सुनाया जाएगा। उसके बाद लगातार इंतजार जारी था और तीन बजे के बाद जज ने यह फैसला सुनाया।

लालू ने कोर्ट जाने से पहले कहा-भाजपा को उखाड़ फेंकेंगे

आज सुबह साढ़े दस बजे के बाद जैसे ही लालू यादव रांची स्थित रेलवे के गेस्ट हाउस से कोर्ट के निकले, उन्हें पार्टी कार्यकर्ताओं ने घेर लिया। कोर्ट जाने से पहले लालू ने कहा कि फैसला जो भी आए सभी लोग संयम बरतें, मैं बिहार की जनता का आभारी हूं। उन्होंने कहा कि न्यायालय पर पूरा भरोसा है, फैसला जो भी आए हर आदमी लालू यादव बनकर बीजेपी के खिलाफ खड़ा होगा और भाजपा को जड़ से उखाड़ फेंकेगा।

मेरे बाद तेजस्वी है ना, राजद और होगा मजबूत

लालू ने कहा कि जो भी फैसला आएगा लालू को मंजूर है, मेरे बाद मेरा बेटा तेजस्वी है ना, पूरा देश, पूरी जनता देख रही है कि मुझे और मेरे परिवार को किस तरह भाजपा परेशान करने की कोशिश हो रही है उसमें वो कामयाब नहीं होंगे। एक लालू को जेल भेजेंगे तो एक लाख लालू अब पैदा होगा, लालू ने गरीब जनता की लड़ाई लड़ी है और लड़ता रहेगा।

तेजस्वी ने कहा-मैंने बचपन से देखा है, लालू जी एक विचारधारा का नाम है

लालू के साथ उनके बड़े बेटे तेजस्वी भी कार में बैठकर कोर्ट पहुंचे थे। तेजस्वी ने कहा कि मैंने बचपन से देखा है कि मेरे पिता ने गरीबों के लिए किस कदर लड़ाई लड़ी है? मेरे पिता लालू यादव जी एक नाम नहीं, एक विचारधारा का नाम है।

मेरे पिता हमेशा ही मुसीबतों को झेलते रहे हैं, लेकिन उन्होंने कभी अपना कदम पीछे नहीं हटाया है। मैंने अपने पिता से सीखा है कि किस तरह मुसीबतों से लड़ना है। भाजपा जिस तरह से मेरे पिता और परिवार को तरह-तरह से परेशान किया जा रहा है वो जनता देख रही है।

15 साल से जेल के बाहर भीतर होते रहे लालू 

राजद सुप्रीमो लालू यादव पहली बार दिसंबर 2002 में गरीब रथ पर सवार होकर रांची आए थे  और उस वक्त बेकन हॉस्टल लालू के लिए  कैंप जेल बना था।

1997 में 137 दि‍न न्याय‍िक ह‍िरासत में रहे थे लालू

लालू प्रसाद 10 मार्च 1990 को पहली बार और 1995 में दूसरी बार ब‍िहार के मुख्‍यमंत्री बने लालू यादव का नाम 1996 में मुख्‍य रूप से सामने आया। लालू यादव को साल 1997 में पहली बार न्यायिक हिरासत रखे गए और 12 दिसंबर 1997 को रिहा क‍िए गए।

1998 में बेऊर जेल में रखे गए थे लालू 

इसके बाद दूसरी बार इस मामले में उन्‍हें 28 अक्टूबर 1998 को जेल यात्रा करनी पड़ी। इस दौरान राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख को बेऊर जेल में रखा गया था। हालांक‍ि इसके बाद भी उन्‍हें फ‍िर जमानत म‍िल गई।

2000 में लालू ने 1 दिन ही जेल में गुजारा

लालू प्रसाद यादव को इस मामले में एक बार फ‍िर 28 नवंबर 2000 को गिरफ्तार क‍िया गया। हालांक‍ि इस बार लालू प्रसाद यादव को स‍िर्फ 1 दिन ही जेल में गुजारना पड़ा।

2013 में फ‍िर जेल गए थे लालू प्रसाद यादव 

इसके बाद 2013 में चारा घोटाले से ही जुड़े एक मामले में 37 करोड़ रुपये के गबन को लेकर लालू यादव दोषी पाए गए। इस दौरान उन्‍हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई थी।

राजद ने प्रमुख प्रवक्ताओं को दी प्रेस से बात करने की जिम्मेवारी

रांची सीबीआई कोर्ट के फैसले के इंतज़ार में राजद के प्रवक्ता दिल्ली, पटना और रांची में मुस्तैद हैं। लालू के निर्देश पर दिल्ली स्थित राजद ऑफिस में राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज झा और सांसद जय प्रकाश यादव की ड्यूटी लगाई गई है। पटना ऑफिस में जगदानंद सिंह, निरंजन कुशवाहा और चितरंजन गगन मौजूद हैं।

रांची में शक्ति यादव और एज्या यादव की ड्यूटी लगाई गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सभी प्रवक्ताओं को मीडिया के सवालों का जवाब देने की जिम्मेवारी सौपी गई है।

फैसले पर रही पूरे देश की नजर

इस बड़े फैसले पर पूरे देश की नजर टिकी हुई थी। दो बजे के बाद ही राजद के बड़े नेता और कार्यकर्ता धीरे-धीरे रांची के सीबीआइ की स्पेशल कोर्ट पहुंचने लगे थे। फैसले के बाद राजद के समर्थकों को बड़ा झटका लगा है।

तेजप्रताप यादव ने पिता के लिए की पूजा अर्चना

लालू के साथ उनके छोटे बेटे तेजस्वी जहां रांची में हैं, तो वहीं बड़े बेटे तेजप्रताप यादव मां राबड़ी के पास पटना में हैं। तेजप्रताप ने सुबह पूजा-पाठ की और लालू के लिए दुआएं मांगीं। पटना में भी राजद के बड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच गहमागहमी देखी जा रही है। हालांकि लालू आवास पर सन्नाटा छाया हुआ है। राबड़ी देवी टीवी पर पल-पल की खबर रख रही हैं।

पैतृक गांव में भी हो रही थी पूजा

लालू प्रसाद के पैतृक गांव फुलवरिया के ग्रामीणों की बेचैनी बढी रही और  गांव के दुर्गा मंदिर में ग्रामीण लालू प्रसाद के बरी होने के लिए पूजा अर्चना कर रहे थे। इस मंदिर को लालू प्रसाद ने ही बनवाया है।

मंदिर में पूजा-अर्चना कर रहे लालू प्रसाद के भतीजा नितेश कुमार , पोता लवकुश , मंदिर के महंथ हीरामन दास आदि का कहना है कि लालू प्रसाद को साजिश के तहत चारा घोटाले में फंसाया गया है।

रांची पहुंचे लालू के समर्थक, कहा-हमारे नेता निर्दोष

रांची पहुंचे राजद के नेता और कार्यकर्ता आज सुबह से ही अपने सुप्रीमो के फैसले का इंतजार करते रहे। सबने एक सुर में कहा कि हमारे नेता निर्दोष हैं, उन्हें फंसाया गया है।