नई दिल्ली। दिल्ली में एक बार फिर से शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। महिला अधिकारों के लिए बनी दिल्ली महिला आयोग की ही एक वॉलेंटियर के साथ कुछ लोगों ने ना सिर्फ मारपीट की है बल्कि उसके कपड़े फाड़कर परेड भी करवाई। आरोपी यहीं नहीं रूके और महिला की ऐसी अवस्था का वीडियो भी बनाया।

घटना के बाद कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अब तक इस मामले से जुड़ी चार महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया है।

खबरों के अनुसार घटना तब हुई जब नरेला इलाके में दिल्ली महिला आयोग की टीम को अवैध रूप से बेची जा रही शराब पकड़वाने के लिए गई। सरेआम हुई इस घटना में नरेला थाना पुलिस ने मारपीट, छेड़छाड़, धमकी देने आदि की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।

रोहिणी जिला पुलिस उपायुक्त रजनीश गुप्ता के मुताबिक बुधवार की शाम 7.35 बजे महिला आयोग की टीम ने नरेला जेजे कॉलोनी स्थित आशा नामक महिला के घर में छापेमारी की थी। घर से 312 क्वार्टर और 12 बीयर की बोतलें बरामद हुईं। इस बाबत एक्साइज एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। छापेमारी के समय आशा और उसका पति राकेश घर पर मौजूद नहीं थे। घर पर उनकी बेटी श्वेता मौजूद थी।

रात होने के चलते युवती को पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया। उसे नोटिस देकर पुलिस वापस लौट आई। छापेमारी के दौरान इलाके में नशा मुक्ति पंचायत चलाने वाली दो महिलाएं मौजूद थीं। यह दोनों महिलाएं थानाध्यक्ष द्वारा चलाई जा रही नशा मुक्ति पंचायत के लिए काम करती हैं। उन्होंने मौके पर पुलिस को काफी सहयोग भी किया। इसके चलते आरोपी, उसका परिवार एवं रिश्तेदार नाराज हो गए थे।

बृहस्पतिवार दोपहर को आरोपी आशा और उसके समाज की अन्य महिलाओं ने इनमें एक महिला पर हमला कर दिया। उन्होंने महिला की पिटाई करने के साथ ही उनके कपड़े तक फाड़ दिए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पीड़ित को मेडिकल के लिए अस्पताल पहुंचाया। वहां से उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई है।

पुलिस उपायुक्त के अनुसार वारदात में शामिल राकेश के खिलाफ पहले से 21 आपराधिक मामले व उसकी पत्नी आशा के खिलाफ नौ मामले दर्ज हैं। पुलिस वारदात में शामिल महिलाओं की तलाश में छापेमारी कर रही है। आशा के खिलाफ नौ अप्रैल को भी नशा मुक्ति पंचायत की एक महिला कार्यकर्ता के साथ मारपीट के आरोप में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था।