मुंबई : रत्न एवं आभूषण उद्योग ने सरकार से आगामी बजट में सोने पर आयात शुल्क की दर को घटाकर चार प्रतिशत करने की मांग की है. इसके अलावा उद्योग ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) से जुड़े मुद्दों को भी हल करने को कहा है. आल इंडिया जेम्स एंड ज्वेलरी ट्रेड फेडरेशन (जीजेएफ) के चेयरमैन नितिन खंडेलवाल ने सरकार को दिए ज्ञापन में कहा कि आयात शुल्क को 10 से घटाकर चार प्रतिशत पर लाने से न केवल उपभोक्ता मांग बढ़ाई जा सकेगी बल्कि इससे कारोबारी धारणा में भी सुधार होगा और उद्योग अधिक संगठित तथा अनुपालन वाला बन सकेगा.

काले धन के खिलाफ लड़ाई में मदद मिलेगी
खंडेलवाल ने कहा कि आयात शुल्क में कमी से काले धन के खिलाफ लड़ाई में भी मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि सोने पर आयात शुल्क चालू खाते के घाटे (कैड) को अंकुश में रखने के लिए लगाया गया था. जून में देश का व्यापार घाटा उम्मीद से अधिक कम होकर 12.96 अरब डॉलर पर आ गया.

 जीएसटी व्यवस्था को लेकर भी कई मुद्दे हैं
खंडेलवाल ने कहा कि मौजूदा जीएसटी व्यवस्था को लेकर भी कई मुद्दे हैं, जिससे उद्योग प्रभावित हो रहा है. सरकार को इन मुद्दों पर भी ध्यान देना चाहिए. उन्होंने कहा कि जीएसटी के तहत गैर पंजीकृत तथा वित्त वर्ष में 20 लाख रुपये से कम कारोबार वाले कारीगरों द्वारा अंतर राज्य सेवाओं की आपूर्ति की अनुमति दी जानी चाहिए.