करांगासेम (इंडोनेशिया) : ज्वालामुखी से राख का गुबार निकलने के कारण मंगलवार को लगातार दूसरे दिन बाली हवाईअड्डे को बंद रखा गया. विशेषज्ञों ने ज्वालामुखी को लेकर चेतावनी का स्तर उच्चतम कर दिया है और कहा है कि यह किसी भी पल फट सकता है. इससे घबराए कई लोगों को माउंट आगुंग के पास बसे अपने घर छोड़कर जाना पड़ा है.

ज्वालामुखी से पिछले सप्ताह से ही गहरे धूसर रंग के धुएं का गुबार निकल रहा है जो पिछले कुछ दिनों से आसमान में छाने लगा जिससे कम से कम बुधवार सुबह तक सभी उड़ानें रद्द करनी पड़ीं. हवाई यातायात एजेंसी एयरनेव के अधिकारी विस्नू दार्जोनो ने ज्वालामुखी से संबंधित जानकारी प्रदान करने वाले विशेषज्ञों के वैश्विक नेटवर्क का जिक्र करते हुए कहा, ज्वालामुखी की राख संबंधी चेतावनी से पता चलता है कि हवाई मार्ग में ज्वालामुखी की राख छाई हुई है जो उड़ान भरने के लिए खतरनाक है.

आपदा एजेंसी के अधिकारियों ने बताया कि ज्वालामुखी के आसपास रहने वाले करीब 40,000 लोग अपना घर छोड़कर जा चुके हैं और संभवत: करीब 1,00,000 लोगों को मजबूरन यहां से जाना पड़ेगा.

* उड़ानें रद्द होने से फंसे 59,000 यात्री

उड़ानें रद्द होने से व्यस्त हवाईअड्डे पर लोगों की भीड़ जमा हो गयी. हवाईअड्डे के एक प्रवक्ता ने कहा कि 445 उड़ानें रद्द हो गयीं और करीब 59,000 यात्री फंसे हुए हैं. हालांकि अधिकारियों ने कहा कि हर छह घंटे में स्थिति की समीक्षा की जाएगी.

* ज्वालामुखी से निकल रहा है 9,800 फुट ऊंचा गुबार,  22 गांव को सकते हैं प्रभावित

माउंट आगुंग से सप्ताहांत से वातावरण में करीब 3,000 मीटर (9,800 फुट) की ऊंचाई तक सफेद और गहरे धूसर रंग की राख का गुबार निकल रहा है. राष्ट्रीय आपदा शमन एजेंसी ने चेतावनी का स्तर बढाकर उच्चतम स्तर तक कर दिया. साथ ही खतरे के क्षेत्र को पूर्व के 7.5 किलोमीटर के दायरे से बढ़ाकर 10 किलोमीटर कर दिया गया. एजेंसी ने एक बयान में कहा कि और ज्वालामुखी से और बड़ा गुबार उठ सकता है.

आधिकारिक प्रवक्ता सुतोपो पुर्वो नुग्रोहो ने जकार्ता में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि खतरे के क्षेत्र का दायरा बढ़ने से अब 22 गांव और करीब 90,000 से 1,00,000 लोग प्रभावित हो रहे हैं.