नई दिल्ली | अयोध्या के राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद की सुनवाई को भले ही सुप्रीम कोर्ट ने 8 फरवरी, 2018 तक के लिए टाल दिया है, लेकिन राजनीतिक घमासान नहीं टला है। बीजेपी के प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। बाबरी विध्वंस की 25वीं बरसी के मौके पर ट्वीट करते हुए नरसिम्हा राव ने राहुल गांधी को ‘बाबर भक्त’ और ‘खिलजी का रिश्तेदार’ बता डाला।

नरसिम्हा ने ट्वीट किया, ‘अयोध्या में राम मंदिर का विरोध करने के लिए राहुल गांधी ने ओवैसियों और जिलानियों से हाथ मिला लिया है। राहुल गांधी निश्चित रूप से एक ‘बाबर भक्त और ‘खिलजी के रिश्तेदार’ हैं। बाबर ने राम मंदिर को नष्ट कर दिया और खिलजी ने सोमनाथ को लूट लिया। नेहरू वंश दोनों इस्लामी आक्रमणकारियों के पक्ष मे!’ इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि गुजरात में हार सामने देखकर बीजेपी बौखला गई है।

 मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मसले की सुनवाई के दौरान सुन्नी वक्फ बोर्ड की ओर से अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने मामले की सुनवाई को 2019 के आम चुनाव तक टालने की मांग की थी। माना जा रहा है नरसिम्हा राव ने कपिल सिब्बल की इस दलील को लेकर ही कांग्रेस और राहुल गांधी पर हमला बोला है। सिब्बल ने अदालत में कहा था कि अभी तक कागजी कार्रवाई भी पूरी नहीं हुई है। कोर्ट के फैसले का देश में बड़ा असर पड़ेगा और मामले में जल्द सुनवाई की जरूरत नहीं है।

कांग्रेस ने सिब्बल की दलील से किया किनारा
हालांकि अदालत में कपिल सिब्बल द्वारा सुन्नी वक्फ बोर्ड की ओर से दी गई दलीलों पर कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यह पार्टी की राय नहीं है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने मंगलवार को कहा था कि पार्टी कपिल सिब्बल की अदालत में दी गई दलील से खुद को अलग करती है। केस लड़ना उनका निजी मसला है।

गुजरात चुनाव में भी राम मंदिर मुद्दा
गुजरात चुनाव प्रचार के दौरान पिछले दिनों सोमनाथ मंदिर के दर्शन करने गए राहुल गांधी का नाम कथित तौर पर गैर-हिंदुओं वाले रजिस्टर में दर्ज हो गया था। इसके बाद बीजेपी की ओर से हमला बोले जाने पर कांग्रेस ने सफाई देते हुए कहा था कि राहुल गांधी हिंदू ही नहीं बल्कि जनेऊधारी हिंदू हैं। यहां तक की पार्टी की ओर से उनकी जनेऊ वाली एक तस्वीर भी जारी की गई थी। अब बीजेपी का कहना है कि यदि राहुल गांधी जनेऊधारी हिंदू हैं तो फिर राम मंदिर मसले की सुनवाई क्यों टलवाना चाहते हैं।