किसी टायर फैक्ट्री में जाकर देश के सबसे बड़ी बैलेस्टिक मिसाइल की लॉन्चिंग का जश्न मनाना शायद आपको अटपटा लगे, लेकिन उत्तर कोरिया में किम जोंग उन ने कुछ ऐसा ही किया है.

उत्तर कोरिया के ह्वासॉन्ग 15 मिसाइल के परीक्षण के कुछ दिन बाद किम जोंग उन उस टायर फैक्ट्री में घूमते नजर आए, जिसने रॉकेट ले जाने वाले वाहन का टायर बनाया था.

उत्तर कोरिया ने मिसाइल के परीक्षण के बाद परमाणु कार्यक्रमों में “सफल” होने का दावा किया है. अमरीका और दक्षिण कोरिया का सैन्य अभ्यास इस सप्ताह शुरू होने पर उत्तर कोरिया ने “पागल डोनल्ड ट्रंप” के साथ “बेरहम रिश्ता” बनाने का वादा किया है.

पिछले सप्ताह लंबी दूरी तक मार करने वाले मिसाइल की लॉन्चिंग के बाद हमेशा की तरह सड़कों पर डांस शो का आयोजन किया गया था. उत्तर कोरिया के सरकारी टीवी चैनल पर पटाखे भी फोड़ते दिखाए गए.

टीवी पर ऐसे दृश्यों की भरमार है जिससे यह प्रतीत हो रहा है कि फैक्ट्रियों के खुश कामगार किम परिवार के प्रति वफादारी का वचन ले रहे हैं.

शहर का पवित्र माने जाने वाले माउंट पैक्टू, जो कम्यूनिस्ट क्रांति और असल कोरिया होने के दावे का प्रतीक है, देशभक्ति के दृश्यों से भरा था.

लेकिन किम जोंग उन के अमोंकगैंग टायर फैक्ट्री के निरीक्षण को टीवी पर विशेष कवरेज दी जा रही है. इसे दिन में कई बार दिखाया गया, जिससे यह लग रहा था कि कोई महत्वपूर्ण संदेश दिया जा रहा हो.

इस दौरान न्यूज मीडिया देश के परमाणु कार्यक्रमों के “पूरा” होने की बात भी कह रहे थे. वे परमाणु शक्ति बनने की स्वघोषित जंग में खुद को “विजयी” करार दे रहे थे.

न्यूज एजेंसी केसीएनए ने भड़काऊ भाषा में कहा है, “बाधाओं और परेशानियों के बावजूद अधिकारी और कर्मचारियों ने पार्टी के दिए गए साहसिक निर्माण अभियान को पूरा किया है.”

“बाधाओं और परेशानियों” का यहां आशय है उन प्रतिबंध से है जो मिसाइल कार्यक्रमों के चलते उत्तर कोरिया पर लगाए गए हैं.

टायर फैक्ट्री के इस दौरे से दुनिया को यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों से उत्तर कोरिया को कोई फर्क नहीं पड़ता.

जापान पर निशाना साधते हुए केसीएनए ने अपने संपादकीय में इसे प्रधानमंत्री शिंजो अबे के सैन्य शक्ति बनाने की योजना को करारा जवाब बताया है.

सरकारी न्यूज एजेंसी का कहना है कि टोक्यो “कोरिया पर फिर से घुसपैठ करने के लिए सैन्य चाल” को अंजाम दे रहा है, जिसे उत्तर कोरिया की दस लाख से अधिक सैनिक बर्दाश्त नहीं करेंगे.

अमरीका और उत्तर कोरिया के सैन्य अभ्यास पर प्रतिक्रिया देते हुए उत्तर कोरिया ने कहा है, “उत्तर कोरिया के परमाणु शक्ति बनने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप पागल की तरह भाग रहे हैं.”

प्रवक्ता ने कहा है कि सैन्य अभ्यासों के बाद देशों के साथ “बेरहम रिश्ते” कायम किए जाएंगे.

प्योंगयांग के विदेश मंत्री ने शनिवार को दिए बयान में कहा है, “ट्रंप की टीम परमाणु युद्ध की भीख मांग रही है.”

उन्होंने इस बात का दावा किया है कि उनके मिसाइल कार्यक्रम अमरीका और उत्तर कोरिया के बीच सैन्य संतुलन को कायम करता है.