पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने एक बार फिर आतंकियों के हक में बात की है. मुशर्रफ ने कहा है कि वह इस्लामाबाद की सुरक्षा के लिए जमात-उद-दावा और लश्कर-ए-तैयबा से गठबंधन को तैयार हैं. बता दें कि इससे पहले भी मुशर्रफ इनके हक में अपनी आवाज बुलंद कर चुके हैं.

एक न्यूज़ चैनल में इंटरव्यू के दौरान मुशर्रफ ने कहा कि ये दोनों दल राष्ट्रभक्त लोग हैं, उन्होंने पाकिस्तान के लिए अपनी जान की बाजी लगाई है. अगर ये राजनीतिक पार्टी बनाते हैं तो कोई उनका विरोध क्यों करेगा. उन्होंने कहा कि अभी तक इन दो पार्टियों ने उनसे बात नहीं की है, अगर ये बात करते हैं तो वह गठबंधन के लिए तैयार हैं. उन्होंने आगे कहा कि वह लश्कर और जमात-उद-दावा के सबसे बड़े समर्थक हैं. उन्हें पता है कि वह भी उन्हें चाहते हैं.

आपको बता दें कि अभी पिछले महीने ही मुशर्रफ ने कबूला था कि उन्हें हाफिज सईद काफी पसंद है. एक पाकिस्तानी चैनल को दिए साक्षात्कार में मुशर्रफ ने खुलकर कहा कि उन्हें लश्कर ए तैयबा से मोहब्बत है और लश्कर और जमात उद दावा भी उन्हें चाहते हैं. परवेज मुशर्रफ ने कहा कि वे हाफिज सईद से मिले हैं और कश्मीर में उनकी भूमिका है. मुशर्रफ ने आगे कहा कि मैं हमेशा से कश्मीर में भारतीय सेना को कुचलना चाहता था.

बता दें कि पाकिस्तान में इस समय भारी उठापटक चल रही है. जमात उद दावा का सरगना हाफिज सईद एक बार फिर बाहर आ गया है. पाकिस्तान सरकार उसके खिलाफ कोई सबूत पेश नहीं कर पाई और कोर्ट ने उसकी नजरबंदी को आगे बढ़ाने से मना कर दिया. अमेरिका ने भी हाफिज सईद की नजरबंदी खत्म होने को लेकर पाकिस्तान की कड़ी आलोचना की थी.

इस बीच धार्मिक कट्टरपंथियों ने पाकिस्तान सरकार के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन किया है और उन्हें हटाने के लिए सरकार के सेना की मदद लेनी पड़ी. आपको बता दें कि मुशर्रफ ने करीब 23 राजनीतिक दलों के साथ गठबंधन की बात कही है.