मुंबई | मैकडॉनल्ड्स आउटलेट्स को अचानक सप्लाइ रोकने के कारण कनॉट प्लाजा रेस्ट्रॉन्ट्स लिमिटेड (CPRL) अपन लॉजिस्टिक्स पार्टनर राधाकृष्णा फूडलैंड को कोर्ट में घसीट सकता है। CPRL एक जॉइंट वेंचर है जिसमें विक्रम बख्शी और मैकडॉनल्ड्स की 50:50 हिस्सेदारी है।
CPRL की ओर से कथित तौर पर बकाया रकम का भुगतान न करने के कारण राधाकृष्णा फूडलैंड ने लगभग 80 आउटलेट की सप्लाइ रोक दी थी। मैकडॉनल्ड्स के साथ विक्रम बख्शी का विवाद चल रहा है। बख्शी ने बताया कि सप्लाइ बंद होने से पूर्वी भारत में लगभग सभी आउटलेट बंद हो गए हैं और उत्तर भारत में बहुत से आउटलेट बंद होने के कगार पर हैं।
इस मामले की जानकारी रखनेवाले दो सीनियर एग्जिक्युटिव्स ने बताया, ‘कॉन्ट्रैक्ट के तहत वेंडर को सप्लाइ रोकने से पहले 30 दिनों का नोटिस देना होगा, लेकिन इस शर्त का पालन नहीं किया गया है। CPRL अब कारोबार को नुकसान पहुंचाने और लॉजिस्टिक्स सर्विसेज जुटाने के लिए अतिरिक्त खर्च के लिए राधाकृष्णा फूडलैंड के खिलाफ मामला दर्ज करवाने की योजना बना रही है।’

मैकडॉनल्ड्स ने लगभग चार वर्ष पहले बख्शी को CPRL के मैनेजिंग डायरेक्टर के पद से हटा दिया था। बख्शी इस फैसले को नैशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (NCLT) में चुनौती दी थी। NCLT ने बख्शी को उनके पद पर बहाल करने के साथ ही जस्टिस सिंघवी को ऐडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त किया था। सिंघवी ने सोमवार को राधाकृष्णा फूडलैंड से मैकडॉनल्ड्स को सप्लाइ तुरंत बहाल करने का निवेदन किया था।

बख्शी ने ईटी को बताया, ‘मेरा काम कंपनी को चलाना और रेस्ट्रॉन्ट्स में जितना जल्द संभव हो प्रॉडक्ट्स वापस लाना है। हमने अपने रेस्ट्रॉन्ट्स में प्रॉडक्ट्स की पूरी रेंज को सुनिश्चित करने के लिए कई लॉजिस्टिक्स पार्टनर्स को जोड़ा है।’ राधाकृष्णा फूडलैंड ने CPRL को पत्र लिखकर बताया है कि वह वॉल्युम में कमी आने और भविष्य को लेकर अनिश्चितता के कारण सप्लाइ चेन सर्विसेज बंद कर रही है। इसके अलावा कंपनी ने 2 करोड़ रुपये की एक अतिरिक्त रकम का भुगतान न मिलने का भी कारण बताया है।

हालांकि, बख्शी का कहना है कि 2 करोड़ रुपये नियमित मासिक भुगतान का हिस्सा नहीं हैं और राधाकृष्णा फूडलैंड ने उनका लगभग 10 करोड़ रुपये का स्टॉक रोक दिया है। उन्होंने बताया कि यह स्टॉक जल्द खराब होनेवाले प्रॉडक्ट्स का है और समय पर सप्लाइ नहीं होने की स्थिति में यह बर्बाद हो जाएगा।