उदयपुर। असामाजिक तत्वों के द्वारा सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर जयपुर और राजसमंद का संप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की आशंका को देखते हुए इन दोनों जगहों पर मोबाइल और इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है।

उदयपुर जिला मजिस्ट्रेट बिष्णुचरण मल्लिक ने आदेश जारी कर उदयपुर में बुधवार रात 8 बजे से अगले आदेश तक जिले में भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू की है। वहीं, संभागीय आयुक्त भवानी सिंह देथा ने भी आदेश जारी कर अगले 24 घंटे तक उदयपुर जिले और राजसमंद में इंटरनेट सेवाएं बंद करने का आदेश दिया है।

आरोप है कि कुछ संगठन बीते कई दिनों से उदयपुर और राजसमंद एक समुदाय विशेष के खिलाफ रैलिया निकाल रहे है और सोशल मीडिया पर अनर्गल बयानबाजी कर रहे है। इसी का नतीजा है ​कि उदयपुर व राजसमंद का माहौल बिगड़ने लगा है।

बताया जा रहा है कि राजसमंद में नृशंस हत्याकांड के बाद शहर में रैलियां हो रही हैं और सोशल मीडिया पर भी भड़काऊ मैसेज वायरल किए जा रहे हैं। इससे शहर का माहौल खराब हो रहा है। कलेक्टर बिष्णु चरण मल्लिक ने बताया कि 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवा बंद रहेगी। हालांकि, इस दौरान स्कूल-कॉलेज बंद नहीं रहेंगे।

जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि इस दौरान धरना प्रदर्शन, रैली आदि सामूहिक आयोजन करने पर प्रतिबंध रहेगा। कोई भी व्यक्ति धारदार हथियार या लाठी लेकर नहीं घूम सकेगा। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, आईजी आनंद श्रीवास्तव ने माहौल को देखते हुए फेसबुक को पत्र लिख कहा है कि भड़काऊ टिप्पणियां करने वालों के एकाउंट ब्लॉक किए जाएं।

जानकारी के अनुसार उपदेश राणा ने पहले फेसबुक पोस्ट कर 14 दिसंबर को उदयपुर आने की बात कही थी। राजसमंद और उदयपुर में रैली निकालने की बात भी सामने आई थी। इसको लेकर जिला कलेक्टर ने उपदेश के उदयपुर आने पर बैन लगा दिया है। आईजी ने इन लोगों की शिनाख्त कर एकाउंट ब्लॉक करने करने के निर्देश दिए हैँ।

गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व उदयपुर के नजदीक राजसमंद जिले में एक सनकी शंभूलाल ने लव जिहाद के नाम पर एक बंगाली मजूदर की हत्या कर दी थी। हत्यारे ने वारदात का लाइव वीडियो बनाया और भड़काऊ भाषणों के साथ उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।