नई दिल्ली (जेएनएन)। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए एक अच्छी खबर आई है। करीब 48 लाख कर्मचारियों का डेपुटेशन अलाउंस (प्रतिनियुक्ति भत्ता) बढ़ने वाला है। कार्मिक मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के मुताबिक यह भत्ता मौजूदा 2,000 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 4,500 रुपये हो गया है। गौरतलब है कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर यह कदम उठाया गया है।

मंत्रालय की ओर से जारी किए गए बयान के मुताबिक, “एक ही स्थान पर प्रतिनियुक्ति होने पर भत्ता मूल वेतन का पांच फीसद होगा जो अधिकतम 4,500 रुपए मासिक तक हो सकता है।” बीते शुक्रवार को कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की ओर से जारी किए गए आदेश में यह भी कहा गया कि अगर प्रतिनियुक्ति दूसरे शहर में की जाती है तो भत्ता मूल वेतन का 10 फीसद तथा अधिकतम 9,000 रुपए मासिक होगा। इससे पहले दूसरे शहरों में प्रतिनियुक्ति भत्ते की सीमा 4,000 रुपए थी। इसमें आगे कहा गया कि इसके अनुसार महंगाई भत्ता 50 फीसद बढ़ने पर इस भत्ते की सीमा को 25 फीसद बढ़ाया जाएगा।

बीते हफ्ते केंद्रीय कर्मचारियों जिन्होंने अपनी न्यूनतम सैलरी के मद में जीत हासिल कर ली थी उन्हें उस मीडिया रिपोर्ट के बाद निराश होना पड़ा जिसमें वित्त मंत्रालय की ओर से बयान जारी किया गया था कि फिलहाल उनके पास ऐसी कोई योजना नहीं है। आपको बता दें कि 7वें वेतन आयोग ने 2.57 के एक फिटन फैक्टर की सिफारिश की थी, जिसके तहत केंद्र सरकार के कर्मचारियों की न्यूनतम मजदूरी को 7,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये प्रति महीने किया जाना था।