आईफोन बनाने वाली अमेरिकी कंपनी एप्पल बृहस्पतिवार को दुनिया की पहली एक लाख करोड़ डॉलर (लगभग 68,620 अरब रुपये) की कंपनी बन गई। अप्रैल-जून तिमाही के  नतीजे आने के बाद कंपनी के शेयर 2.8 फीसदी चढ़कर 207.05 डॉलर पहुंच गए।

मंगलवार से बृहस्पतिवार तक कंपनी के शेयरों में 9 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई। एप्पल के सह संस्थापक स्टीव जॉब्स ने 1976 में एक गैराज से इसकी शुरुआत की थी। 2011 में उनके निधन के बाद से टिम कुक कंपनी के मुखिया हैं। कंपनी की स्टॉक मार्केट वैल्यू, एक्सॉन मोबिल, प्रॉक्टर एंड गैंबल और एटीएंडटी की संयुक्त पूंजी से भी ज्यादा है। दूसरे नंबर पर अमेजन है जिसका मार्केट कैप 869 अरब डॉलर है।

भारत की अर्थव्यवस्था का करीब 38 फीसदी

एप्पल की एक लाख करोड़ डॉलर की मार्केट वैल्यू भारत की अर्थव्यवस्था का करीब 38 फीसदी है। विश्व बैंक की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत दुनिया की छठी बड़ी अर्थव्यवस्था है और उसकी कुल अर्थव्यवस्था 2.6 लाख करोड़ डॉलर है।

टीसीएस से 9 गुना बड़ी कंपनी
भारत की बड़ी कंपनी टीसीएस हैं। हाल ही में टीसीएस और रिलायंस इंडस्ट्री बिलियन डॉलर की कंपनियां बनी हैं। एप्पल टीसीएस के मुकाबले 9 गुना बड़ी कंपनी है।

एप्पल खरीद सकती है 3 पाकिस्तान

एप्पल की तुलना अगर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था से की जाए तो वह अकेले ही 3 से ज्यादा पाकिस्तान खरीद सकती है। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था का आकार लगभग 304 अरब डॉलर के करीब है।

फोन की कीमतों में हुई बढ़ोतरी

कंपनी का मुनाफा इसलिए बढ़ गया क्योंकि आईफोन के सभी पिछले मॉडल्स की कीमतों में 20  फीसदी की वृद्धि हो गई है। अप्रैल-जून की तिमाही में कंपनी के आईफोन की बिक्री 1 फीसदी बढ़ गई है, लेकिन आय में भी 17 फीसदी का इजाफा हो गया है।

यह 606 डॉलर (41,800 रुपये) से बढ़कर 724 डॉलर (50,000 रुपये) हो गई है। सीईओ टिम कुक के अनुसार दाम ज्यादा होने के बावजूद आईफोन-X सबसे लोकप्रिय फोन रहा। इसकी कीमत 999 डॉलर से शुरू होती है।