नई दिल्ली:  चुनाव से ठीक पहले सरकार ने आम आदमी को बड़ी राहत देने की कोशिश की है. जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) परिषद ने शनिवार को आम आदमी को राहत देते हुए कई जरूरी चीजों पर से टैक्स कम कर दिया है. रेफ्रिजरेटर, वाशिंग मशीन और छोटे टेलीविजन सहित कई सामानों पर जीएसटी दर 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया है. कर की दरों में कटौती करने के अलावा जीएसटी परिषद ने कई सामानों पर से कर समाप्त कर दिया है, जिसमें सैनिटरी नैपकिन, राखी, फोर्टिफाइड मिल्क और पत्थर, मार्बल और लकड़ी से बनी मूर्तियां शामिल हैं. दिल्ली में हुई बैठक में डेढ़ करोड़ से कम टर्नओवर वाले करीब 80 लाख व्यापारियों को बड़ी राहत दी गई है. ऐसे करदाता अब कर का भुगतान तो प्रति माह करेंगे, मगर इन्हें त्रैमासिक रिटर्न दाखिल करने की सुविधा होगी. ऐसे करदाताओं की संख्या कुल करदाताओं की 93 प्रतिशत है. इन छोटे डीलरों से कुल राजस्व का 16 प्रतिशत की प्राप्ति होती है.

अब इन चीजों पर नहीं लगेगा जीएसटी
सैनेटरी पैड, पौष्टिक तत्व मिश्रित दूध, बिना नग वाली राखी,  दस्तकारी के छोटे सामानों, पत्थर, लकड़ी, संगमरमर की मूर्तियों, फूलझाड़ू, साल की पत्तियों, भारत सरकार द्वारा जारी होने वाले सिक्के,

12 से सिर्फ 5 प्रतिशत का टैक्स
मखमल के कपड़े, हैडलूम दरी, फर्टिलाइजर में इस्तेमाल होने वाला फॉस्फेरिक एसिड, बुनी हुई कैप और 1 हजार से कम कीमत वाली कैप, हाथ से बनी कालीन और फीत-प्रिटेंड कपड़े,

18 से 12 प्रतिशत टैक्स
बांस से बने फर्श, पीतल वाला केरोसिन स्टोव, हस्तशिल्प से बना सामान, हाथ से चलने वाला रबर रोलर, जिपर, शीशे, स्टोन आर्ट,  पीतल, लोहे, हैंडीक्राफ्ट लैंप, प्राकृतिक गोंद से बना सामान, पेंटिग वाले लकड़ी का फ्रेम, फोटोग्राफ, तांबे और
एल्युमीनियम से बनीं कलाकृतियां

18 से 5 प्रतिशत
एक हजार रुपये मूल्य तक के जूते-चप्पल,​ एथेनॉल, सॉलिड बायो फ्यूल

28 से से कम करके 18 प्रतिशत किया गया जीएसटी
परफ्यूम, सौंदर्य प्रसाधन, टॉयलेट का सामान, छोटे टीवी, पानी गर्म करने वाला हीटर, बिजली से चलने वाली इस्त्री (आयरनिंग) मशीन, रेफ्रिजरेटर , लीथियम आयन बैटरी, मिक्सर ग्राइंडर, बाल सुखाने वाले उपकरण (हेयर ड्रायर) दाढ़ी बनाने की मशीन, वैक्यूम क्लीनर, वाटर कूलर, दूध के चिलिंग प्लांट, कंक्रीट मिक्सर लॉरी, जूस निकालने वाली मशीन, आग से बचाव के वाहन, मिक्सर ग्राइंडर, जूस निकालने की मशीन

सेवा क्षेत्र के लिये भी राहत
सेवा क्षेत्र की इकाइयों की सुविधा के लिये भी कुछ निर्णय किये हैं. होटलों के कमरों पर अब जीएसटी उनकी घोषित किराये के बजाये वास्तविक रूप से वसूले गये किराये पर लगेगा. अभी 7,500 रुपये से अधिक के कमरों पर 28 प्रतिशत और 2,500 से 7,500 रुपये के बीच के कमरों पर 18 प्रतिशत और 1,000 से 2,500 रुपये के बीच की दर के कमरों पर 12 प्रतिशत की दर से लगाया जाता है. इसी प्रकार , ई-बुक की आपूर्ति पर टैक्स की दर 18 से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गयी है.​

कितना आयेगा खजाने पर बोझ
दरों में इन संशोधनों और कटौतियों से सरकारी खजाने पर सालाना 8,000 से 10,000 करोड़ रुपये की राजस्व वसूली प्रभावित होगी. जीएसटी परिषद की अगली बैठक 4 अगस्त को होनी है. गोयल ने कहा कि जीएसटी की नई दरें 27 जुलाई से लागू की जायेंगी.