नई दिल्ली (जेएनएन)। भारत में स्थित विभिन्न प्रकार के धार्मिक स्थलों का विशेष महत्व है। उनके दर्शन के लिए हर कोई लालायित रहता है। भारत में धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों वाले प्रमुख धार्मिक स्थलों का विशेष महत्व बताया गया है। इन जगहों पर हर साल लाखों श्रद्धालु अपने इष्टदेव के दर्शन करने को जाते रहते हैं। हालांकि कई धार्मिक स्थल ऐसे भी हैं जहां पर आवागमन के सही साधन नहीं हैं वहां सरकार भी श्रद्धालुओं की मदद के लिए विशेष ट्रेनें चलाती हैं। दार्शनिक स्थलों के दर्शन की विशेष चाह रखने वालों के लिए भारतीय रेलवे समय-समय पर खास पैकेज लेकर आती है। अभी हाल में भारतीय रेलवे मंत्रालय ने रामायण एक्सप्रेस लांच किया है जो श्रद्धालुओं को श्रीलंका में रामायण स्थल के दर्शन कराएगी। जानते हैं ऐसे ही धार्मिक स्थलों के लिए भारतीय रेलवे के द्वारा चलाई गई विशेष ट्रेनों पर डालते हैं एक नजर…

श्रीलंका तक के लिए स्पेशल रामायण एक्सप्रेस 


अयोध्या से लेकर श्रीलंका तक प्रभु श्रीराम से जुड़े स्थलों के दर्शन कराने के लिए इस साल नवंबर में रामायण दर्शन सेवा की शुरुआत की जाएगी। यह यात्रा नेपाल के जनकपुर में भी होगी। इसकी बुकिंग जल्द ही आइआरसीटीसी की वेबसाइट के अलावा उसके क्षेत्रीय मुख्यालयों से भी की जा सकेगी। दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से 14 नवंबर को पहली रामायण एक्सप्रेस ट्रेन को रवाना किया जाएगा। यह ट्रेन 16 दिनों में रामायण स्थलों की सैर कराएगी, जबकि श्रीलंका के चार स्थानों के लिए चेन्नई से कोलंबो की विमान यात्रा का अलग पैकेज उपलब्ध होगा। रामायण एक्सप्रेस ट्रेन 800 यात्रियों को यह सैर कराएगी। प्रतियात्री पैकेज का किराया 15,120 रुपए होगा, जिसमें तीनों समय के शाकाहारी भोजन के अलावा ठहरने के लिए धर्मशाला और स्थानीय भ्रमण की व्यवस्था आइआरसीटीसी करेगा।

दक्षिण भारत के धार्मिक स्थलों के लिए स्पेशल ट्रेन


धार्मिक और दार्शनिक स्थलों के दर्शनों की चाह रखने वालों के लिए भारतीय रेलवे पिछले दिनों एक खास पैकेज लेकर आई है। यात्री मात्र 11,340 देकर दक्षिण भारत के आठ तीर्थ स्थलों के दर्शन कर सकेंगे। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन (आईआरसीटीसी) ने पर्यटकों के लिए विशेष पर्यटन योजना तैयार की है। विशेष स्पेशल ट्रेन का नाम भारत दर्शन पर्यटक ट्रेन रखा गया है। ट्रेन में कुल 800 यात्री सफर कर सकेंगे। यह ट्रेन 19 जुलाई को चंडीगढ़ से रवाना होकर जयपुर सहित निर्धारित नौ स्टेशनों से यात्रियों को लेकर जाएगी। इस ट्रेन में बुकिंग 19 जुलाई से पहले करवानी होगी। आईआरसीटीसी की इस योजना के तहत यात्रियों को 11,340 रुपये खर्च करने होंगे। इस पैकेज में यात्री के लिए भोजन, इंश्योरेंस और आवास की व्यवस्था आईआरसीटीसी करेगी।
इस यात्रा के तहत यात्री दक्षिण भारत के आठ तीर्थ रामेश्वरम, मदुरै, कन्याकुमारी, कोवलम, त्रिवेंद्रम, तिरुचिरापल्ली, तिरुपति और मल्लिाकार्जुन का भ्रमण कर सकेंगे। यात्रा 19 जुलाई को शुरू होगी और 31 जुलाई को वापस आएगी।

माता वैष्णोदेवी के दर्शन के लिए विशेष ट्रेन


जम्मू स्थित माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए हर साल करीब लाखों दर्शनार्थी जाते हैं। उनकी सुविधा को देखते हुए भारतीय रेलवे भी हर साल उनके लिए स्पेशल ट्रेनें चलवाती हैं। इस बार भी रेलवे ने पश्चिम बंगाल के सियालदह से जम्मू तवी के लिए 3 जुलाई से नई ट्रेन चलाने का निर्णय लिया। इस हमसफर (22317/22318) एक्सप्रेस के शुरू होने से उत्तर प्रदेश, पंजाब, बंगाल, बिहार व झारखंड के लोगों की राह आसान हो जाएगी। ट्रेन बरास्ता जालंधर, अंबाला, सहारनपुर, मुरादाबाद, लखनऊ, वाराणसी, मुगलसराय, गया, धनबाद, आसनसोल व सियालदह रेलवे स्टेशनों पर ठहरेगी। साथ ही रेलवे ने कई रूट पर चलने वाली स्पेशल ट्रेनों को विस्तार देने का निर्णय लिया है। ट्रेन संख्या 04401/04402 आनंद विहार-माता वैष्णो देवी कटरा-आनंद विहार सप्ताह में दो दिन चलेगी। यह ट्रेन आनंद विहार से प्रत्येक सोमवार व बृहस्पतिवार को 2 से 30 जुलाई के बीच चलेगी। माता वैष्णो देवी कटरा से यह ट्रेन 3 जुलाई से 31 जुलाई के बीच प्रत्येक मंगलवार व शुक्रवार को चलेगी।

अजमेर शरीफ के लिए मार्च में चली स्पेशल ट्रेन


अजमेर शरीफ में होने वाले ख्वाजा गरीब नवाज के सालाना उर्स में जाने वाले जायरीनों की सुविधा के लिए रेलवे स्पेशल ट्रेन लेकर आई थी। यह उर्स स्पेशल बरौनी-मदार के बीच 20 मार्च को रवाना हुई। इस ट्रेन में स्लीपर व थर्ड एसी के साथ ही जनरल कोच भी लगाए गए। लखनऊ स्टेशन से यह ट्रेन रात पौने एक बजे छूटकर मदार स्टेशन पर शाम 17:20 बजे पहुंची।25 मार्च को ट्रेन की वापसी हुई थी।

अमरनाथ के लिए स्पेशल ट्रेन 


जम्मू कश्मीर की दुर्गम वादियों में स्थित अमरनाथ धाम हिन्दू श्रद्धालुओं के लिए काफी महत्व रखता है। चार धाम की तरह भक्तगण इस पूजनीय यात्रा को जीवन में एक बार करने की इच्छा अवश्य रखते हैं। माना जाता है, कि भोले के दरबार में सब भोले की मर्जी से ही पहुंच पाते हैं। हर साल अमरनाथ की यात्रा जून-जुलाई में प्रारम्भ होती है। अमरनाथ की यात्रा बेहद रोमांचक है, क्योंकि यह यात्रा धरती के स्वर्ग के एक ख़ास आनंद से जैसी है। हिमालय की गोदी में स्थित अमरनाथ हिंदुओं का सबसे ज़्यादा आस्था वाला पवित्र तीर्थस्थल है। अमरनाथ की ख़ासियत पवित्र गुफा में बर्फ़ से नैसर्गिक शिवलिंग का बनना है। प्राकृतिक हिम से बनने के कारण ही इसे स्वयंभू ‘हिमानी शिवलिंग’ या ‘बर्फ़ानी बाबा’ भी कहा जाता है

जगन्नाथपुरी के लिए चली स्पेशल ट्रेन

इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कापरेरेशन लिमिटेड (आइआरसीटीसी) ने 18 फरवरी से जगन्नाथपुरी एवं गंगासागर दर्शन यात्रा ट्रेन संचालित किया। 18 फरवरी से शुरू होने वाली 10 दिनों की यह यात्रा 27 फरवरी तक संचालित की गई। इसके लिए यात्रियों को 9450 रुपये का खर्च आया। इस धार्मिक यात्रा में श्रद्धालुओं ने जसडीह में बैजनाथ मंदिर, कोलकाता में गंगासागर, महाकाली मंदिर, पुरी जगन्नाथ मंदिर, कोणार्क मंदिर, गया में विष्णुपद मंदिर, महाबोधि मंदिर व वाराणसी में श्रीकाशी विश्वनाथ के दर्शन करने का मौका मिला। यात्री टूर पैकेज में नाश्ता, दोपहर एवं रात का शाकाहारी भोजन, यात्री बसों से सफर व धर्मशालाओं में ठहरने की सुविधा भी दी गई थी। भारतीयों के बीच दुर्गा पूजा और दीवाली को लेकर बड़ा क्रेज रहता है। इस दौरान दूर शहरों में रह रहे लोग विशेष तैयारी के साथ अपने दूर-दराज गांव जाते है। उनके लिए हर साल अक्टूबर नबंबर के महीने में भारतीय रेलवे पूजा स्पेशल ट्रेन लेकर आती है।