उत्तराखंड: पूरे 6 माह के बाद आज रविवार की सुबह भक्तों के जयकारे व पुजारियों के मंत्रोंच्चारण के बीच केदारनाथ के कपाट खोले दिए हैं। सुबह 4 बजे कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू की गई। डोली को मंदिर के अंदर प्रवेश कराने के बाद मंत्रोंच्चारण के बीच जलाभिषेक, रुद्राभिषेक समेत समस्त धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए गए। इसके बाद करीब 6 बजे विधि-विधान से पूजा अर्चना के साथ केदारनाथ धाम के कपाट लोगों के लिए खोल दिए गए। जिसके बाद से भगवान शिव के दर्शन शुरू हो गए। इस वक्त बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का जत्था केदारनाथ पहुंचने लगा है।
20 क्विंटल फूलों से सजा शिव का धाम
भगवान केदारनाथ के मंदिर को 20 क्विंटल गेंदे के फूलों से सजाया गया है। फूलों के साथ बेलपत्र, आम और पीपल के पत्तों की माला का भी उपयोग किया गया है। परंपरा के मुताबिक 6 महीने तक ऊखीमठ के ओमकारेश्वर मंदिर में रहने के बाद 26 अप्रैल को ही भगवान शिव की पालकी केदारनाथ के लिए रवाना हो गई थी।
सोमवार को खुलेंगे बदरीनाथ के कपाट
30 अप्रैल को सुबह 4 बजकर 30 मिनट पर भक्तों के लिए बदरीनाथ मंदिर के कपाट भी खोले दिए जाएंगे। इस साल चार धामों के लिए यात्रा की शुरुआत 18 अप्रैल से गंगोत्री और यमुनोत्री के पट खुलने के साथ ही हो गई है।
लेजर शो 
केदारनाथ धाम में श्रद्धालु अब लेजर शो का लुत्फ उठा सकेंगे और उस लेजर शो के जरिए वे भगवान शिव की महिमा भी देख सकेंगे। जिसका शनिवार शाम रिहर्सल भी किया गया। केदारनाथ के कपाट खुलने से ठीक एक दिन पहले यानि 28 अप्रैल से 7 दिनों के लिए ये शो जारी रहेगा। इस लेजर शो के जरिए श्रद्धालु केदारनाथ धाम की अहमियत, भगवान शिव के विभिन्न रूप और इस धाम का इतिहास देख सकेंगे।

हांगकांग में तैयार इस लेजर शो को 5 मई तक रोजाना 25-25 मिनट के लिए दिखाया जाएगा। लेजर शो को लेकर खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी काफी उत्साहित हैं। यही वजह है कि पीएम मोदी ने लाइव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए केदारनाथ में तैयारियों का करीब 20 मिनट तक जायजा लिया। साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। यात्रियों की सुविधाओं के मद्देनजर गौरीकुंड से केदारनाथ के बीच सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य और सुरक्षा समेत जरूरी इंतजाम किए गए हैं। यही नहीं, हर एक किलोमीटर पर डॉक्टर तैनात किए जाएंगे।