शनि जयंती पर महासंयोग का राशियों पर असर

शनि जयंती हर साल ज्येष्ठ महीने की अमावस्या तिथि को मनाई जाती है। शनिवार के दिन अमावस्या होने पर इस दिन का महत्व बढ़ जाता है लेकिन इस बार यह मंगलवार के दिन है। मंगलवार के दिन अमावस्या होने पर इसे भौमवती अमावस्या कहा जाता है जिसका महत्व भी शनि अमावस्या की ही तरह माना गया है। इस साल संयोग की बात यह है कि इस दिन सूर्य का राशि परिवर्तन भी इसी अवसर पर हो रहा है जिससे इस दिन ज्येष्ठ संक्रांति भी मनाई जाएगी। इस संक्रांति का पुण्यकाल ग्यारह बजकर 26 मिनट तक रहेगा। इसके साथ ही इस दिन वटसावित्री का व्रत भी मनाया जाएगा।

इस दिन 10 बजकर 56 मिनट से सर्वार्थ सिद्धि योग भी लग रहा है जो सर्वसिद्धियों को प्रदान करने वाला है। इस साल ज्येष्ठ महीने में 9 मंगलवार होंगे जिनमें 15 तारीख को पड़ने वाल मंगलवार सबसे खास है। इस दिन शनि स्तोत्र का पाठ जहां शनि दोष के प्रभाव को कम करेगा वहीं हनुमान चालीसा का पाठ और हनुमान जी का व्रत पूजन करने से मंगल और शनि के दोष से भी मुक्ति मिलेगी। आइए देखें इस साल शनि जयंती पर शनि महाराज किन-किन राशियों पर रहेंगे मेहरबान।

मेष राशिः

शनि जयंती पर सूर्य शनि का षडाष्टक संबंध बनने से मेष राशि के छात्रों को शुभ फल की प्राप्ति होगी। जीवनसाथी के साथ तालमेल की कमी रहेगी। प्रेम संबंध में संयम से काम लें। कार्यक्षेत्र में लाभ के लिए परिश्रम करना होगा। शनि स्तोत्र का पाठ लाभकारी रहेगा।

वृष राशिः

इस राशि के लोगों को शनि जयंती पर हनुमान जी को लाल लंगोट पहनाना चाहिए इससे जीवन में चल रहा संघर्ष दूर होगा। इनके लिए शनि महाराज कह रहे हैं कि आपको अभी संघर्ष करना होगा। वैसे आपके प्रभाव में वृद्धि होगी और आप अधिक उर्जावान महसूस करेंगे क्योंकि आपको सूर्य का साथ मिल रहा है।

मिथुन राशिः

खर्चे बढ़ेंगे और अनावश्यक तनाव बना रहेगा। आंखों में तकलीफ हो सकती है। पारिवारिक जीवन में छोटे-छोटे मतभेद के बाद भी तालमेब बना रहेगा। यात्रा कर सकते हैं।

कर्क राशिः

आपका आर्थिक पक्ष बढि़या होगा। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों और अधिकारियों से सहयोग प्राप्त कर सकते हैं। पारिवारिक जीवन में छोटे-मोटे मतभेद हो सकते हैं।

सिंह राशिः

सेहत का ध्यान रखना होगा। तनाव बना रहेगा लेकिन आर्थिक पक्ष को बेहतर बनाने के प्रयास सफल होंगे। अधिकारियों से मेल-जोल बनाकर रखें फायदे में रहेंगे।

कन्या राशिः

कार्यक्षेत्र में आपका प्रदर्शन बेहतर होगा और इसका आपको लाभ भी मिलेगा लेकिन सेहत के मामले में लापरवाही से बचना होगा। स्त्री मित्रों से संभलकर व्यवहार करें अन्यथा परेशानी होगी। आर्थिक प्रयास सफल रहेंगे।

तुला राशिः

आपको धन के मामले में संभलकर फैसला लेना चाहिए नुकसान हो सकता है। सेहत के मामले में भी आपको सजग रहना होगा। भाग्य भी आपका साथ तभी देगा जब आप खूब मेहनत करेंगे। कार्यक्षेत्र में अधिकारियों से ना उलझें। शनि स्तोत्र का पाठ करना लाभप्रद रहेगा।

वृश्चिक राशिः

आपको जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में संघर्ष का सामना करना पड़ सकता है। आपके खर्चे बढ़ेंगे। कार्यक्षेत्र में काम का दबाव बढ़ेगा। लेकिन सूर्य के प्रभाव से आप स्थितियों को संभालने में सफल हो सकते हैं और अंत में शुभ फलों की प्राप्ति होगी।

धनु राशिः

आपकी राशि में ही शनि महाराज बैठे हैं और वक्री चाल से भी चल रहे हैं। आपके अप्रत्याशित खर्चे बढ़ेंगे। धर्म-कर्म में आपकी रुचि बढ़ेगा। मन अशांत रह सकता। सेहत का ध्यान रखना होगा। साढ़ेसाती के प्रभाव को कम करने के लिए आपको शनि मंदिर में दीप दान करना चाहिए। हनुमानजी की पूजा करें।

मकर राशिः

आप साढ़ेसाती से प्रभावित और शनि आपकी राशि के स्वामी हैं। आपके लिए अच्छा होगा कि आप शनि स्तोत्र का पाठ करें और जरूरतमंद लोगों को दान दें। आपको अपनी मेहनत का फल मिलेगा इसलिए सफलता पाने के लिए जमकर प्रयास करें। कुछ अच्छे अवसर आपके सामने आएंगे जिसका आपको लाभ उठाना चाहिए।

कुंभ राशिः

शनि महाराज आपकी राशि के स्वामी हैं और आपको शुभ फल दे रहे हैं। लाभ के अच्छे अवसर प्राप्त होंगे। कार्यक्षेत्र में प्रगति होगी। सेहत का ध्यान रखें।

मीन राशिः

पारिवारिक जीवन में भाई-बहनों से मनमुटाव की आशंका रहेगी, समझदारी से काम लें। आर्थिक पक्ष सामान्य रहेगा। सामाजिक क्षेत्र में प्रतिष्ठा बढ़ेगी और धर्म कर्म में रुचि से शनि महाराज प्रसन्न होंगे।

 

शनि को प्रसन्न के लिए पांच मंत्र

1. सूर्यपुत्रो दीर्घदेहो विशालाक्षः शिवप्रियः
मंदचार प्रसन्नात्मा पीड़ां हरतु में शनिः

2. नीलांजन समाभासं रवि पुत्रां यमाग्रजं।
छाया मार्तण्डसंभूतं तं नामामि शनैश्चरम्।।प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः

3. ओम शं शनैश्चराय नमः।
4. ओम शं शनैश्चराय नमः।
ध्वजिनी धामिनी चैव कंकाली कलहप्रिया।
कण्टकी कलही चाऽथ तुरंगी महिषी अजा।।
शं शनैश्चराय नमः।

5. ओम शं शनैश्चराय नमः।
कोणस्थ पिंगलो बभ्रु कृष्णौ रौद्रान्तको यमः।
सौरि शनैश्चरा मंद पिप्पलादेन संस्थितः।।
ओम शं शनैश्चराय नमः।