रुद्रप्रयाग, [जेएनएन]: उत्साह, उमंग और उल्लास के बीच हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में द्वादश ज्योर्तिलिंगों में से एक केदारनाथ धाम के कपाट खोल दिए गए। इस खास पल का साक्षी बनने के लिए सुबह सात हजार से ज्यादा लोग मौजूद थे। पहले दिन दर्शन करने वालों में उत्तराखंड के राज्यपाल डॉ. केके पाल, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल और पूर्व मुख्यमंत्री व हरिद्वार सांसद रमेश पोखरियाल निशंक भी शामिल रहे। श्रद्धालुओं के सैलाब से गदगद बदरी-केदार मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह ने कहा ‘आस्था के सैलाब को देख लगता इस बार यात्रा में नए रिकार्ड बनेंगे। श्रद्धालुओं की आज की संख्या अपने आप में रिकार्ड है।’ आपदा के बाद यह पहला मौका है जब पहले ही दिन पांच बजे तक 25 हजार 71 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन कर लिए थे। वर्ष 2017 में कपाटोद्घाटन के दिन करीब साढ़े चार हजार श्रद्धालु मौजूद थे।

रविवार को ब्रह्म मुहूर्त में कपाट खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। सबसे पहले मुख्य पुजारी गंगाधर लिंग ने पंचमुखी भोग मूर्ति की पूजा की। इसके बाद प्रात: कालीन पूजाओं के बीच  भगवान का शृंगार किया गया। तत्पश्चात सुबह लगभग छह बजे रावल भीमाशंकर लिंग व मुख्य पुजारी गंगाधर लिंग भोग मूर्ति को मंदिर के मुख्य द्वार तक लाए। ठीक 6.15 मिनट पर वेद मंत्रों के बीच प्रशासन, रावल और मंदिर समिति के पदाधिकारियों की मौजूदगी में सील बंद द्वार खोला गया। सर्वप्रथम रावल, पुजारी व मंदिर समिति के सदस्यों ने भीतर प्रवेश किया। गर्भ गृह की सफाई के बाद जलाभिषेक और रुद्राभिषेक किए गए और मंदिर में भोग मूर्ति को विराजित किया गया। इसी के साथ श्रद्धालुओं का प्रवेश भी शुरू हो गया।

जैसे ही मंदिर के कपाट खुले केदारपुरी भोले बाबा के जयकारों से गूंज उठी। सेना के बैंड की धुन के बीच भक्तिमय  माहौल में श्रद्धालुओं ने रावल का आशीर्वाद लिया। अब आने वाले छह माह तक बाबा केदार यहीं विराजेंगे। शाम को यात्रियों के लिए लेजर शो के जरिये शिव महिमा का चित्रण किया गया।

अब तक एक लाख से ज्यादा यात्री करा चुके हैं रजिस्ट्रेशन

मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह के अनुसार इस बार यात्रियों का उत्साह देखते ही बन रहा है। उन्होंने बताया कि 25 अप्रैल तक केदारनाथ के लिए एक लाख 10 हजार यात्री ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं।

लेजर शोर के जरिये शिव महिमा का किया चित्रण 

बारह ज्योर्तिलिंगों में से एक केदारनाथ धाम में लेजर शो के जरिये भगवान शिव की कथा का जीवंत चित्रण किया गया। गत रात से शुरु किया यहा यह शो हर रात चार मई तक चलेगा। शो का आयोजन अक्षर ग्रुप ऑफ कंपनीज के सहयोग से किया जा रहा है।

लेजर शो के माध्यम से आदि अनंत शिव के रूप में एक कथा का मंचन किया गया। साथ ही शिवलिंग की स्थापना की रहस्यमयी प्रस्तुति दी गई। इसका चित्रण मंदिर की पश्चिमी दीवार पर किया गया। लेजर शो की अवधि 25 मिनट तक है। चार मई तक रोजाना दो से तीन शो होंगे।

फूलों से की गई मंदिर की सजावट 

कपाट खुलने से पहले ही केदारनाथ मंदिर की फूलों से पहले ही सजावट कर दी गई थी। साथ ही रंगनी लाइटों से रात को मंदिर की मनोहारी छटा श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर रही है। कपाट खुलने के दौरान केदारपुरी में सेना के बैंड की धुन में भक्त बाबा के जयकारे लगाने के साथ ही उत्साह और उल्लास में झूमते नजर आए।

राज्यपाल ने किए भोले बाबा के दर्शन 

भगवान केदारनाथ धाम मंदिर के कपाट खुलने के समय पूजा-अर्चना कार्यक्रम में राज्यपाल डॉ. कृष्ण कांत पाल शामिल हुए। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेमचंद अग्रवाल भी उपस्थित थे। पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने भी बाबा केदार के दर्शन किए।

सुबह बड़ी संख्या में केदारपुरी पहुंच चुके श्रद्धालुओं के बीच राज्यपाल ने पूरे भक्तिभाव और श्रद्धा के साथ भगवान केदारनाथ के दर्शन किए और प्रदेश की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। उन्होंने प्रदेशवासियों सहित देश के सभी लोगों के कल्याण की भी कामना की।

राज्यपाल ने स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों से श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की।राज्यपाल ने कहा कि आस्था के इस दिव्य क्षेत्र में देश-विदेश से आने वाले तीर्थाटकों व पर्यटकों के साथ ऐसा व्यवहार हो कि उत्तराखण्ड विश्वभर में अपनी आध्यात्मिक व सांस्कृतिक समृद्धि के साथ ही बेहतर आतिथ्य सत्कार के लिए भी अपनी अनुकूल छवि स्थापित कर सके। पर्यटन और तीर्थाटन उत्तराखण्ड की आर्थिकी की रीढ़ है, यह बात सभी को ध्यान में रखनी होगी।