मुंबई. आमिर खान ने मुंबई में पांचवें इंडियन स्क्रीन राइटर्स कांफ्रेंस का शुभारंभ किया. इस दौरान आमिर ने फिल्म की राइटिंग से जुड़े कई अहम पहलुओं पर खुल कर अपनी राय रखी.

इस दौरान आमिर ने यह बात स्पष्ट रूप से रखी कि उनके लिए फिल्म की स्क्रिप्ट काफी मायने रखती है. वह अपनी फिल्म की कहानी को काफी अहमियत देते हैं. आमिर कहते हैं कि मेरे लिए यह बहुत मायने रखता है कि सिनेमा में कहानी क्या है. वह कहते हैं कि एक बार उनकी मुलाकात एक ऐसी एक्ट्रेस से हुई थी, जिन्होंने फिल्म की कहानी सुने बगैर ये सवाल किया था कि मैं इसमें कपड़े क्या पहनूंगी. मैं उनकी बात सुन कर हैरान हो गया था कि कोई कहानी सुने बगैर किस तरह से अपने कपड़े के बारे में सोच सकता है. आमिर कहते हैं, मेरे लिए तो फाउंडेशन स्क्रिप्ट है और इसके बाद एक बार जब मुझे कहानी पसंद आ जाती है और फिर मैं फिल्म साइन कर देता हूं तो इसके बाद सारी जिम्मेदारी मैं सिर्फ निर्माता पर नहीं छोड़ता हूं. मैं पूरी जिम्मेदारी लेता हूं. मेरी पूरी कोशिश होती है कि मेरी वजह से प्रोड्यूसर के पैसे बर्बाद हों. मैं ये बात कह भी सकता हूं कि मेरे साथ जिन भी निर्माताओं ने काम किया है उनके पैसे बर्बाद नहीं हुए हैं, मेरे साथ निर्माता ने कभी भी लॉस नहीं किया है. मुझे याद है जब जामू सुगंध ने लगान फिल्म के बजट में निवेश करने का निर्णय लिया था तो वह मेरे लिए भी जिम्मेदारी थी कि मैं उनके साथ खड़ा रहूँ और मैं आपको बता रहा हूं कि मैं अब तो अपनी फिल्म की फीस भी नहीं लेता. जब सबके पास पैसे पहुंच जाते हैं. सबका फायदा हो जाता है तब मेरे हिस्से में पैसे आते हैं.

आमिर कहते हैं कि मैं इस मामले में ओल्ड स्कूल हूं कि मैं परफोर्मिंग आर्ट में हूं तो मेरे लिए एक्टिंग वही है कि जिस तरह से लोग सड़क पर, गलियों में परफॉर्म करते थे और उसके बाद पैसे के लिए सबके सामने टोपी फैलाते थे. मैं भी वैसा ही हूं. मेरा मानना है कि अगर लोगों को मेरी फिल्म अच्छी लगी तो मैं इसके बाद ही फीस के बारे में सोचता हूं. आमिर साफ कहते हैं कि अगर फिल्म नाकामयाब रही तो मैं एक पैसे भी नही लेता हूं. बता दें कि आमिर मुंबई में हो रही तीन दिवसीय स्क्रीन राइटर्स कॉन्फ्रेस के दौरान बात कर रहे थे.