जब इरफान खान के कैंसर से ग्रस्त होने की खबर सामने आई, तो दुनिया भर में उनके फैंस को झटका लगा. उनके लिए दुआएं की जाने लगीं. उनकी सेहत में सुधार के लिए लोग मन्नतें मांगने लगे. इसके बाद से इरफान अपनी बीमारी के बारे में सोशल मीडिया के जरिये अपडेट दे रहे हैं. हाल ही में न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने और दिल खोलकर बातें की और अपनी बीमारी के बाद जिंदगी में आए आंखें खोल देने वाले बदलाव के बारे में बताया-इरफान ने बताया, ‘जब शुरुआत में इस बीमारी के बारे में पता चला, तो मैं हिल सा गया है. बहुत कमजोर पड़ गया था. कुछ समझ नहीं आ रहा था. लेकिन धीरे-धीरे जिंदगी के बारे में सोचने का एक नया नजरिया सामने आया. मैं चाहता हूं कि लोग प्रकृति पर भरोसा रखना सीखें. प्रकृति से ज्यादा भरोसेमंद और कुछ
नहीं है. शुरुआत में मुझे सबसे ज्यादा समस्या ये हुई कि हर कोई ये सोच रहा था कि मैं ठीक हो पाउंगा या नहीं. ये मेरे हाथ में नहीं है. जो इस बीमारी ने मुझे सिखाया है कि वो मैं 30 साल तक मेडिटेशन करने के बाद भी नहीं सीख सकता था.’अपनी बीमारी के बारे में अपडेट देते हुए इरफान ने कहा, ‘चार बार कीमोथैरेपी हो चुकी है. दो बार और कीमो होने के बाद एक बार फिर कैंसर स्कैन किया जाएगा. इसके बाद मालूम चलेगा कि क्या होता है. मेरे दिमाग में बार-बार आता है कि मैं एक चिप गर्दन में टांग लूं और कहूं, मुझे ये बीमारी है और मैं एक साल या दो साल में मरने वाला हूं. या फिर मुझे लगता है कि मैं ये बातचीत ही बंद कर दूं और उस तरह जिंदगी जिऊं जैसे वो मेरे सामने आती है. मैं ये मानता हूं कि मैं एक अंधियारी दुनिया में घूम रहा था, मैं देख ही नहीं पाया कि जिंदगी ने मुझे क्या-क्या दिया है.इस बीमारी के बाद दिमाग एकदम साफ हो गया है. मैंने सोचना छोड़ दिया है. प्लान बनाना छोड़ दिया है. जिंदगी का एक अलग ही नजरिया सामने आया है. जिंदगी आपको बहुत कुछ देती है. इसलिए मुझे लगता है कि मैं कुछ और नहीं कह सकता सिवाय एक शब्द के, शुक्रिया. अब कोई और शब्द नहीं है. कोई और प्रार्थना नहीं है. कोई और मांग नहीं है.