मुंबई: इंटरनेट कंपनी गूगल (Google) भारत में सबसे भरोसेमंद ब्रांड बनकर उभरा है. उसके बाद माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन, मारुति सुजुकी और एप्पल को यहां के उपभोक्ताओं ने भरोसे के लायक माना है. न्यूयॉर्क में स्थित वैश्विक संचार कंपनी कॉन एंड वोल्फ के एक सर्वेक्षण में यह बात सामने आयी है. सर्वेक्षण के अनुसार सोनी, यूट्यूब, बीएमडब्ल्यू, मर्सिडीज बेंज और ब्रिटिश एयरवेज शीर्ष 10 में शामिल अन्य ब्रांड हैं. वैश्विक स्तर पर अमेजन को सबसे भरोसेमंद ब्रांड माना गया है. इसके बाद एप्पल, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और पेपल आदि का स्थान है.

कंपनी ने कहा कि भारतीय उपभोक्ता अब ब्रांड की प्रमाणिकता के बारे में राय बनाने को लेकर अधिक सकारात्मक हो गये हैं. करीब 67 प्रतिशत भारतीय उपभोक्ता ऐसे ब्रांड की खरीदारी पसंद करते हैं जो अधिक प्रमाणिक माना जाता हो. 38 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने माना है कि ब्रांड अधिक ईमानदार एवं खुले होते तथा जिम्मेदारियां उठाते हैं. वैश्विक स्तर पर ऐसा मानने वालों का औसत 25 प्रतिशत है.

गूगल की सेल्फ ड्राइविंग कार हादसे का शिकार कॉन एंड वोल्फ द्वारा किए गए सर्वेक्षण के मुताबिक, दुनियाभर में एप्पल प्रामाणिकता की दौड़ में अमेजन के बाद दूसरे नंबर पर है. प्रामाणिक ब्रांड अध्ययन 2017 की रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक प्रामाणिकता सूचकांक में क्रमश: तीसरे, चौथे और पांचवें स्थान पर माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और पेपाल को रखा गया है और ये सभी प्रौद्योगिकी से जुड़ी कंपनियां हैं.

इस अध्ययन के निष्कर्षों के मुताबिक, भारत में 67 फीसदी उपभोक्ताओं ने उस ब्रांड में खरीद की रुचि जाहिर की, जिसे वे प्रामाणिक मानते हैं. कॉटन एंड वोल्फ में एशिया प्रशांत क्षेत्र के अध्यक्ष मैट स्टैफोर्ड ने बताया, “ब्रांड जो प्रामाणिकता से व्यवहार करते हैं और संवाद करते हैं, वे ग्राहकों के साथ बेहतर संबंध बनाएंगे और बेहतर अनुभव प्रदान करेंगे.”

स्टैफोर्ड कहते हैं, “हमारे शोध से पता चलता है कि भारत के ब्रांडों को अपनी ऑफरिंग और बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए प्रामाणिकता के तीन कारकों- विश्वसनीयता, सम्मान और वास्तविकता पर ध्यान देने की जरूरत है.”