नई दिल्ली
मोती बाग से लाजपत नगर के बीच मेट्रो की पिंक लाइन का नया सेक्शन जल्द ही आम जनता के लिए खुलने जा रहा है। पिंक लाइन पर मोती बाग से लाजपत नगर के बीच बने 8.10 किमी लंबे नए सेक्शन को पैसेंजर सर्विस के लिए खोलने की मंजूरी कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) से मिल चुकी है। अगले हफ्ते से लोग इस सेक्शन पर ट्रैवल कर सकेंगे। डीएमआरसी का मानना है कि इसके खुलने से लोगों के समय और पैसे, दोनों की काफी बचत होगी, क्योंकि इस सेक्शन के साथ ही दो नए इंटरचेंज स्टेशन भी शुरू हो जाएंगे, जिससे येलो, वायलट और पिंक लाइन के बीच यात्री इंटरचेंज कर सकेंगे।
इसके साथ ही मेट्रो नेटवर्क की कुल लंबाई बढ़कर 296 किमी हो जाएगी और कुल 214 स्टेशन ऑपरेशनल हो जाएंगे। साथ ही 58 किमी लंबी पिंक लाइन का करीब 29 किमी का हिस्सा चालू हो जाएगा।

अंडरग्राउंड वॉटर के नीचे टनल
मेट्रो के अधिकारियों ने बताया कि इस सेक्शन पर साउथ एक्सटेंशन से लाजपत नगर मेट्रो स्टेशन के बीच जब अंडरग्राउंड टनल बनाने का काम शुरू हुआ, तो जांच में पता चला कि इस इलाके में कई जगह वॉटर टेबल यानी सतह से पानी के स्तर की गहराई बेहद कम है, जबकि मेट्रो की टनल उससे ज्यादा गहराई पर बनाई जानी थी। ऐसे में मेट्रो के इंजिनियरों को दोनों स्टेशनों के बीच टनल को काफी ज्यादा गहराई पर ले जाना पड़ा, ताकि वॉटर टेबल का असर टनल के स्ट्रक्चर ना पड़े।

इन रूट्स पर बचेगा टाइम

यही वजह है कि इन दोनों स्टेशनों के बीच कुछ जगहों पर टनल की गहराई 30 मीटर तक है और टनल के ऊपर 3 मीटर तक पानी भरा हुआ है। यानी जब मेट्रो यहां से गुजरेगी, तो यात्रियों को अंदाजा भी नहीं होगा कि उनके चारों तरफ इतना पानी भरा है। इसके अलावा साउथ एक्स से लाजपत नगर के बीच मेट्रो की टनल भी साउथ एक्स फ्लाइओवर और लाजपत नगर पर मेट्रो के एलिवेटेड स्टेशन और मार्केट की दुकानों के नीचे से ही निकल रही है। ऐसे में वायब्रेशन की वजह से पहले से बने स्ट्रक्चरों पर असर ना पड़े, इसके लिए भी खास इंतजाम करने पड़े।

सामने थीं बड़ी चुनौतियां
दूसरी जगहों की तरह इस सेक्शन पर ट्रैवल करते वक्त भी लोगों को बाहर से सबकुछ बेहद सामान्य नजर आएगा, लेकिन असल में इस छोटे से सेक्शन को बनाने के दौरान डीएमआरसी को इंजीनियरिंग से जुड़ी कुछ ऐसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिनसे पार पाना बेहद कठिन था। मगर इसके बावजूद डीएमआरसी के इंजीनियरों ने कई तरह की नई-पुरानी तकनीकों का इस्तेमाल करके इस सेक्शन को तैयार कर दिया।

आईएनए पर मेट्रो का 90 डिग्री कनेक्शन
आईएनए पर जो नया इंटरचेंज स्टेशन बनाया गया है, वह भी अपने आप में इंजिनियरिंग का अनूठा नमूना है। यहां पहले से मेट्रो की येलो लाइन का एक अंडरग्राउंड स्टेशन बना हुआ था। ऐसे में वहीं पर दूसरा अंडरग्राउंड स्टेशन बनाकर दोनों स्टेशनों को आपस में कनेक्ट करना सबसे बड़ी चुनौती थी। पुराने स्टेशन की टनल 16 मीटर की गहराई पर थी। ऐसे में कट ऐंड कवर मेथड के जरिए नए स्टेशन की टनल बनाने के लिए मेट्रो ने स्टेशन की गहराई कम कर दी और 90 डिग्री के एंगल पर महज 7.5 मीटर की गहराई पर टनल्स बनाकर वहां से नई लाइन के लिए रास्ता निकाल दिया।

नए इंटरचेंज स्टेशन के प्लैटफॉर्म पर उतरकर दूसरे स्टेशन पर जाने के लिए यात्रियों को पहले ऊपर की तरफ जाना होगा और प्लैटफॉर्म एरिया के ऊपर बनाए गए कॉमन पैसेज से होते हुए पुराने स्टेशन की तरफ जाना होगा। इसके अलावा लोग यहीं से सीधे ग्राउंड लेवल पर भी जा सकेंगे।

इस अंडरग्राउंड स्टेशन से दिखता है खुला आसमां
यह खूबसूरत नजारा मेट्रो की पिंक लाइन के INA स्थित इंटरचेंज स्टेशन का है। इस अंडरग्राउंड स्टेशन से खुला आसमान दिखता है। इसके ठीक ऊपर पार्क है। इस स्टेशन से येलो लाइन में इंटरचेंज की सुविधा भी मिलेगी। पिंक लाइन के इस सेक्शन पर सफर अगले हफ्ते शुरू हो सकता है।