देवरिया में नारी संरक्षण गृह से बच्चियों के गायब होने का मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने 12 घंटे के भीतर प्रदेश के सभी आश्रय गृहों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

यूपी सरकार के प्रवक्ता ने सोमवार को बताया कि मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को तत्काल अपने-अपने जनपद में महिला संरक्षण गृह और बाल संरक्षण गृह का निरीक्षण कर 12 घंटे में शासन को रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों का अनुपालन न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने तीन अगस्त 2018 को सभी जिलाधिकारियों को बाल एवं महिला संरक्षण गृहों के व्यापक निरीक्षण के संबंध में विस्तार से निर्देश दिए थे।

जांच समिति को तुरंत भेजा गया, आज देगी रिपोर्ट
मुख्यमंत्री ने पूरे मामले की जांच के लिए अपर मुख्य सचिव महिला कल्याण रेणुका कुमार और एडीजी (महिला हेल्पलाइन) अंजू गुप्ता के नेतृत्व में एक जांच कमेटी गठित कर दी। साथ ही उन्हें तुरंत राजकीय हवाई जहाज से देवरिया भेजा गया। कमेटी को आदेश दिए गए कि यह कमेटी तत्काल मौके पर जाकर जांच करेगी। मुख्यमंत्री ने कमेटी को मंगलवार को रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।

माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट के बाद ही मुख्यमंत्री दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे। जांच कार्य में मंडलायुक्त गोरखपुर जरूरी सहयोग और मदद करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकरण में दोषी पाए गए लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद हरकत में आया प्रशासनिक अमला
देवरिया पुलिस द्वारा रविवार को देर रात की गई कार्रवाई के बाद जैसे-जैसे हकीकत सामने आने लगी, लखनऊ में सत्ताशीर्ष पर बैठे अधिकारी हरकत में आते गए। सबसे पहले मुख्यमंत्री ने डीजीपी और आला प्रशासनिक अधिकारियों को तलब कर पूरी जानकारी ली। इसके बाद मुख्यमंत्री ने देवरिया स्थित नारी संरक्षण गृह के प्रकरण पर गंभीर रुख अपनाते हुए डीएम को तुरंत हटा दिया। राज्य सरकार ने एक वर्ष पहले संस्था को बंद करने का निर्देश जिलाधिकारी को दिया था, लेकिन समय रहते उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसे लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय खासा नाराज था। इसके बाद ही विभागीय मंत्री से मामले में दोषियों पर कार्रवाई करने कहा गया। उन्होंने आनन-फानन में मीडिया के सामने आकर सरकार का पक्ष रखा।

पूर्व जिला प्रोबेशन अधिकारी निलंबित, दो के खिलाफ विभागीय कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कर्तव्य में शिथिलता बरतने वाले देवरिया के पूर्व जिला प्रोबेशन अधिकारी अभिषेक पाण्डेय को तत्काल निलंबित कर दिया है। वहीं पूर्व में प्रभारी जिला प्रोबेशन अधिकारी के रूप में तैनात नीरज कुमार और अनूप सिंह के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।