नई दिल्ली: करीब 9,000 करोड़ रुपये के बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में मुख्य आरोपी विजय माल्या भारत आने तथा कानून का सामना करने को तैयार है? आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को कहा कि माल्या ने भारतीय अधिकारियों को कुछ इसी तरह का संकेत दिया है. माल्या के खिलाफ लंदन की अदालत में भारत सरकार की ओर से प्रत्यर्पण का मामला चल रहा है. समझा जाता है कि माल्या ने भारतीय अधिकारियों को संकेत दिया है कि वह भारत आने और कानूनी प्रक्रिया का सामना करने को तैयार है. साथ ही माल्या ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी अध्यादेश के तहत उसके खिलाफ की गई कार्रवाई को चुनौती देने का भी संकेत दिया है.

देश से भगे भगोड़े अपराधियों की सम्पत्ति जब्त करने के संबंध में हाल में जारी अध्यादेश के तहत सरकार माल्या की देश और विदेश में सभी संपत्तियां जब्त कर सकती है. जांच एजेंसियों के शीर्ष सूत्रों ने कहा कि माल्या के इस कदम के अंतिम तौर तरीके अभी स्पष्ट नहीं हैं. उन्होंने इस बारे में और ब्योरा देने से इनकार किया। मुंबई में एक विशेष मनी लांड्रिंग रोधक कानून (पीएमएलए) अदालत ने पिछले महीने समन जारी कर माल्या को उसके समक्ष 27 अगस्त को पेश होने को कहा है.

प्रवर्तन निदेशालय ने 9,000 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधडी मामले में भगोड़ा आर्थिक अपराधी अध्यादेश के तहत माल्या के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी. उसके बाद विशेष पीएमएलए अदालत ने माल्या को समन किया था. केंद्रीय जांच एजेंसी ने इसके अलावा माल्या की करीब 12,500 करोड़ रुपये की संपत्तियों को तत्काल कुर्क करने की भी अपील की है.