अब किसी भी व्यक्ति के पास आधार कार्ड है या नहीं, उसकी जानकारी मोबाइल ऐप के जरिए आसानी से मिल सकेगी। आधार नंबर जारी करने वाली संस्था यूनिक आईडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) वेरिफिकेशन के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी को रोकने के लिए ऐसा करने जा रही है।
आधार के जरिए हो रहे हैं 150 करोड़ ट्रांजेक्शन
सितंबर तक आधार के जरिए 150 से अधिक ट्रांजेक्शन हो चुके हैं, जबकि इससे पहले अगस्त में इनकी संख्या 100 करोड़ थी। इतनी बड़ी संख्या में ट्रांजेक्शन होने के बाद यूआईडीएआई अपने एम आधार ऐप के जरिए वेरिफाई करना आसान करने जा रही है।
देश की आबादी से ज्यादा हुए ट्रांजेक्शन
जहां पिछले साल दिसंबर में आधार के जरिए होने वाले ट्रांजेक्शन मात्र 17 करोड़ थे, जो कि सितंबर में देश की कुल आबादी से भी ज्यादा हो गए हैं। इसका मतलब ये है कि लोग अपने आधार का इस्तेमाल ज्यादा करने लगे हैं। अभी देश में कुल 118.5 करोड़ लोगों के पास आधार कार्ड है।

ओटीपी के जरिए हुए 31 करोड़ ट्रांजेक्शन
सरकार ने इसके साथ एम आधार ऐप जरिए ओटीपी की सुविधा शुरू करने जा रही है। सितंबर तक ओटीपी के जरिए 31 करोड़ ट्रांजेक्शन हुए थे। एम आधार ऐप पर टाइम बेस्ड ओटीपी आएगा, जो कि 30 सेकंड के बाद निष्क्रिय हो जाएगा।