पाकिस्तान की जेल में कैद भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव के मामले में आज काफी अहम दिन है. पाकिस्तान की ओर से अनुमति मिलने के बाद कुलभूषण जाधव की पत्नी और मां आज पाकिस्तान की जेल में उनसे मुलाकात करेंगी. पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने जाधव को मौत की सजा सुनाई है. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में भारत की अपील के बाद इस फैसले पर फिलहाल रोक लगा हुआ है. कुलभूषण जाधव की पत्नी और मां को लेकर जाने वाले विमान 11.20 बजे इस्लामाबाद में उतरेगा.

11.15 AM: कुलभूषण जाधव को राजनयिक मदद मिलने पर भारतीय सूत्रों का कहना है कि ये इस बात पर निर्भर करता है कि क्या जेपी सिंह को उनसे मिलने दिया जाता है या नहीं.

– इस बीच, पाकिस्तान सरकार ने कुलभूषण जाधव को राजनयिक मदद देने को मंजूरी दे दी है. इससे पहले 6 से अधिक बार पाकिस्तान भारत की ये मांग ठुकरा चुका है. इसकी जानकारी पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पाकिस्तान के मीडिया चैनल जियो न्यूज़ को दी.

– पाक अधिकारियों के मुताबिक सोमवार को जाधव की मां और पत्नी इस्लामाबाद पहुंचेंगी और मुलाकात के बाद आज ही वापस लौट आएंगी. पाकिस्तान में भारतीय उप उच्चायुक्त जे पी सिंह, जाधव की पत्नी और मां के साथ इस मुलाकात में मौजूद होंगे. बताया जा रहा है कि ये मुलाकात करीब एक घंटे तक चल सकती है.

– मुलाकात के तौर तरीके को लेकर भारत लगातार पाकिस्तान के संपर्क में हैं. पाकिस्तान की ओर से यह भी बयान आ चुका है कि अगर भारत का रुख सकारात्मक रहा, तो जाधव के परिजनों को मीडिया से भी बातचीत करने की इजाजत दी जा सकती है.

जाधव को मौत की सजा सुनाई थी

पाकिस्तान ने बीते 20 दिसंबर को जाधव की पत्नी और मां को इस्लामाबाद के दौरे के लिए वीजा जारी किया था. पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने जासूसी और आतंकवाद संबंधी आरोपों को लेकर अप्रैल में 47 साल के जाधव को मौत की सजा सुनायी थी जिसके बाद मई में भारत ने अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का रूख किया था. भारत की याचिका पर अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने अपना अंतिम फैसला सुनाए जाने तक सजा की तामील पर रोक लगा दी है.

बता दें कि जाधव को पाकिस्तान ने पिछले साल मार्च में गिरफ्तार किया था. इस साल अप्रैल में 47 वर्षीय जाधव को पाकिस्तान की अदालत ने जासूसी के आरोप में मौत की सजा सुनाई थी. जाधव को कोर्ट ने अपना पक्ष रखने और भारतीय राजनयिक से मिलने की इजाजत तक नहीं दी.

पाक ने लगाए संगीन आरोप

पाकिस्तान का दावा है कि भारतीय नौसेना के कमांडर जाधव भारत की प्रमुख खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनलिसिस विंग(रॉ) के लिए काम कर रहे थे. इस्लामाबाद का कहना है कि तीन मार्च 2016 को बलूचिस्तान में कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने उनको अवैध रूप से पाकिस्तान में पकड़ लिया गया था. हालांकि भारत का कहना है कि जाधव एक पूर्व नौसेना अधिकारी हैं और वो रॉ के लिए काम नहीं कर रहे थे.