बीजेपी के चाणक्य कहे जाने वाले राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह गुरुपूर्णिमा के मौके पर संगम नगरी इलाहाबाद में संतों का आशीर्वाद लेने पहुंचे थे. उन्होंने 2019 में प्रयाग में लगने वाले कुंभ के जरिए न केवल बीजेपी के हिन्दुत्व के ऐजेंडे को धार देने की कोशिश की. बल्कि उन्होंने कुंभ की तैयारियों को लेकर भी साधु संतों के बीच जाकर उनसे बातचीत की. इस मौके पर शाह बाघम्बरी मठ भी गए, जहां उन्होंने संतों के साथ भोजन किया और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, गंगा की अविरलता और निर्मलता जैसे मुद्दों पर समय-समय पर संतो की नाराजगी को भी दूर करने का प्रयास किया.इस दौरे पर अमित शाह ने कुंभ को लेकर अखाड़ों में चल रहे निर्माण कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया. इसके साथ ही मौज गिरी आश्रम और लेटे हनुमान मंदिर में दर्शन पूजन के साथ ही मां गंगा और मां यमुना जी की आरती में भी शामिल हुए.दरअसल, अमित शाह के इलाहाबाद दौरे ने 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव की पटकथा लिख दी है. अमित शाह ने अपनी रणनीति के मुताबिक ही साधु संतों के बुलावे पर इलाहाबाद आने के लिए गुरुपूर्णिमा का दिन चुना. इलाहाबाद पहुंचकर उन्होंने सबसे अपने मिशन को पूरा करने के लिए संतों का आशीर्वाद लिया. उसके बाद अमित शाह यमुना नदी के तट पर पहुंचे. जहां उन्होंने मां यमुना की आरती कर दर्शन पूजन किया और नवनिर्मित पक्के घाट का लोकार्पण किया.इसके बाद अमित शाह ने जूना अखाड़े के योग एवं ध्यान केन्द्र का शिलान्यास किया. अमित शाह ने मौज गिरी आश्रम में भृगु ऋषि द्वारा स्थापित शिवलिंग की भी पूजा अर्चना की. जिसके बाद संगम स्थित लेटे हनुमान मंदिर में दर्शन पूजन किया. उन्होंने संगम पहुंचकर मां गंगा के चरणों को प्रणाम कर उनसे भी आशीर्वाद मांगा. इस बीच अखाड़े के तमाम साधु संत और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या के साथ ही योगी कैबिनेट के कई मंत्री भी मौजूद रहे.

लेटे हुए हनुमान जी का आशीर्वाद लेते अमित शाह

उधर संतों ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के दौरे को लेकर कहा है कि अमित शाह संतों के आमंत्रण पर यहां आए थे और प्रयागराज में पूजा अर्चना उनका निजी कार्यक्रम था. लेकिन लोकसभा चुनाव को लेकर संतों के आशीर्वाद देने और संतों से कई मुद्दों पर विचार-विमर्श की बात से संतों ने भी साफ तौर पर इनकार नहीं किया है. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद प्रेम गिरी के मुताबिक, अमित शाह ने अपने जिस मिशन को लेकर प्रयाग राज में पूजा अर्चना की है और संतों का आशीर्वाद मांगा है, उनकी मनोकामना जरूर पूरी होगी.अमित शाह के दौरे ने कुंभ से लेकर 2019 के लोकसभा तक की पूरी पटकथा तैयार कर दी है. इस दौरे में अमित शाह ने न केवल साधु-संतों से आशीर्वाद लिया है. बल्कि अपनी रणनीति के तहत संतों की नाराजगी दूर करने के साथ ही धर्म सत्ता और राजनीति सत्ता को जोड़कर अपनी सियासी बढ़त को और मजबूत बनाने में भी पूरी तरह कामयाब रहे हैं.डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, ‘संतों के आशीर्वाद से 2014 और 2017 में बीजेपी को जीत मिली है. एक बार फिर संतों और जनता के आशीर्वाद से 2019 में 2014 से बड़ी जीत मिलेगी.’ उन्होंने कुंभ मेला दुनिया का सर्वश्रेष्ठ मेला है. कुंभ की सफलता के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पूजा अर्चना की. केंद्र और प्रदेश सरकार के प्रयास से कुंभ मेले कि ख्याति और उपलब्धि बढ़ेगी.उधर बैठक के बाद अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी ने कहा कि अमित शाह ने अखाड़ा परिषद के संतों से कुंभ की कामयाबी को लेकर चर्चा की. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के संतों ने बीजेपी अध्यक्ष को मनचाहा आशीर्वाद दिया. हालांकि, उन्होंने कहा कि 2019 लोकसभा चुनाव को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई, लेकिन संतों ने उन्हें आशीर्वाद दिया है. नरेंद्र गिरी ने कहा कि बैठक में राम मंदिर के मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई. कोर्ट के फ़ैसले और आपसी सहमति से अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण होगा.