नई दिल्ली: लोकसभा में कल अविश्वास प्रस्ताव के दौरान जब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी प्रधानमंत्री मोदी से गले मिलकर अपनी सीट पर लौटे तो उनका आंख मारना मिनटों में वायरल हो गया. लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने राहुल गांधी के इस व्यवहार के लिए उन्हें नसीहत दी. सोशल मीडिया और समीक्षकों ने भी उनकी आलोचना की. लेकिन लोकसभा की कार्रवाई का वीडियो ध्यान से देखने पर लगता है कि राहुल गांधी की मंशा प्रधानमंत्री मोदी को अपमानित करने की नहीं थी.

दरअसल राहुल गांधी जब प्रधानमंत्री से गले मिलकर वापस अपनी सीट पर आ तो उनसे थोड़ी दूरी पर बैठे कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उन्हें थम्सअप किया और बधाई दी. ज्योतिरादित्य सिंधिया के थम्सअप करने पर राहुल गांधी उन्हें आंख मारते हुए मुस्कुरा दिए. बॉडी लैंग्वेज एक्सपर्ट का कहना है कि हम उम्र दोस्तों के बीच ऐसा होना बहुत स्वाभाविक है. उनका कहना है कि ऐसा करके राहुल गांधी प्रधानमंत्री को लेकर कोई टिप्पणी नहीं कर रहे थे. बल्कि उनका आशय था कि उनके लिए ये सबकुछ बहुत आसान था या वो ये कहना चाह रहे थे कि वो अपने मिशन में कामयाब रहे.

विशेषज्ञों के अनुसार उनके एक्सप्रेशन में शरारत जरूर थी, लेकिन किसी को अपमानित करने का कोई इरादा नहीं था. इससे ये भी पता चलता है कि भाषण देने और प्रधानमंत्री को गले लगाने के दौरान राहुल गांधी पर कोई दबाव नहीं थे. वो कूल थे. ऐसे मौके पर वो तनाव में भी आ सकते थे, खासतौर से तब उनके कहने पर भी प्रधानमंत्री नहीं उठे. ऐसे में राहुल ने तुरंत निर्णय लिया और वो उनसे लिपट गए. उनका खुद पर पूरी तरह नियंत्रण था.

प्रधानमंत्री द्वारा खड़े न होने के बारे में विशेषज्ञों ने कहा कि ऐसा भी बहुत स्वाभाविक था. राहुल गांधी का व्यवहार इतना अप्रत्याशित था कि कोई भी हैरान रह जाएगा. प्रधानमंत्री ने सोचा कि वो शायद हाथ मिलाने के लिए आ रहे हैं. लेकिन जब राहुल गांधी ने उनसे खड़े होने के लिए कहा तो वो समझ नहीं पाए कि हो क्या रहा है. हालांकि बाद में प्रधानमंत्री ने खुद को संभाला और राहुल गांधी को दोबारा बुलाकर उनसे कुछ बात की और उनकी पीठ थपथपाई.

कुल मिलाकर एक स्वस्थ माहौल के लिहाज से इस पहल को अच्छा ही कहा जाएगा. हालांकि सदन की अपनी गरिमा होती है. अपने तौर तरीके होते हैं, जिनका ध्यान रखना चाहिए. यही वजह थी कि लोकसभा अध्यक्ष ने राहुल गांधी के व्यवहार को लेकर उन्हें नसीहत दी. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पद की अपनी गरिमा होती है, और सदन में इस तरह उनसे गले मिलना ठीक नहीं. उन्होंने आंख मारने पर भी ऐतराज जताया.