भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर कुंठित मानसिकता से काम करने का आरोप लगाया है। भाजपा के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने शनिवार को यहां कहा कि सरकारी बंगले को खाली करने से पहले उसमें तोड़फोड़ करना चिंताजनक व शर्मनाक है। इससे सपा मुखिया अखिलेश यादव की कुण्ठा झलकती है।

जनता को सच्चाई बताएं
प्रवक्ता ने कहा कि अखिलेश यादव को  मुख्यमंत्री रहते हुए ही इस बात का एहसास हो गया था कि वे दोबारा मुख्यमंत्री पद की शपथ नहीं ले पाएंगें। इसीलिए मुख्यमंत्री रहते हुए ही उन्होंने अपने लिए शानदार बंगला सरकारी खर्च पर तैयार किया था। किसी धन्नासेठ या बड़े उद्योगपति के बंगले से भी ज्यादा विलासिता के साजो-सामान  बंगले में जुटाए गए थे। पर, सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर मजबूरी में बंगला खाली करना पड़ा तो उन्होंने खीझ में तोड़फोड़ करा डाली।

ऐसा प्रतीत होता है कि यह तोड़फोड़ सच्चाई छिपाने के लिए की गई है। आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ने अपनी विलासिता पूर्ण जिंदगी की सच्चाई आम लोगों से छिपाने के लिए यह तोड़फोड़ कराई है। जिससे आम लोग उनकी सच्चाई न जान लें। समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव को जनता को बताना चाहिए कि उन्होंने बंगले से टाईल्स क्यूं उखड़वाई।

ये वही अफसर हैं जो हमारे सामने प्लेट-कटोरी उठाते थे

बंगला खाली कराने को लेकर मचे हल्ले पर अखिलेश यादव ने कहा कि एक अधिकारी है जो हमारे सामने प्लेट-कटोरी उठाता था अब वही सब करा रहा है। परिवार समेत वृंदावन पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सरकारी मशीनरी से खासे खफा नजर आए। अधिकारी जान लें कि सरकार तो आती-जाती रहती है। लिहाजा किसी के बहकावे में न आएं। सरकारी बंगले के अंदर की बदहाल तस्वीरें सामने आने के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी उन्हें बदनाम कर रही है। जो नुकसान हुआ है उसकी लिस्ट सरकार सौंपे।