नई दिल्ली: जिस राम मंदिर के नाम पर बीजेपी (भारतीय जनता पार्टी) सत्ता में प्रचंड बहुमत से आई आज वही राम मंदिर बीजेपी के लिए मुद्दा नहीं रहा. पार्टी कह रही है कि राम मंदिर कभी भी उसका चुनावी मुद्दा नहीं रहा. राम का नाम जपने से जिस बीजेपी को सत्ता मिली आज उसी के मंत्री कह रहे है कि राम मंदिर कभी चुनावी मुद्दा नहीं रहा और 2019 में भी नहीं रहेगा. वहीं चिदम्बरम द्वारा केंद्र सरकार पर लगाये गए सभी आरोपों को नकारते हुए कहा कि जो स्थिति आज बनी हुई है उसके लिए यूपीए (यूनाईटेड प्रोग्रेसिव अलायन्स) जिम्मेदार है. ये तमाम बातें केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ला ने कही हैं और उनका ये भी कहना है कि पिछली सरकार ने जिसे चाहा, लोन बांटा.

राम मंदिर कभी नहीं रहा मुद्दा
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री शुक्ला ने कहा कि राम मंदिर कभी भी बीजेपी का चुनावी मुद्दा नहीं रहा और 2019 में भी नहीं रहेगा. उन्होंने कहा कि यह सवाल हवा में नहीं उछाला जा सकता. इसको उछालकर मज़ाक का विषय नहीं बनाया जा सकता. उन्होंने कहा कि राम मंदिर आस्था का केंद्र है. इसके अलावा उन्होंने 370 के लिए भी यही कहा कि वो भी कभी चुनावी मुद्दा नहीं रहा. 370 पर विश्लेषण होना चाहिए और हम जम्मू-कश्मीर में विश्लेषण करवा रहे हैं.

यूपीए की वजह से एनपीए
केंद्रीय मंत्री ने यूपीए सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज जो एनपीए (NPA) है हम उसे स्वीकार करते हैं. लेकिन ये एनपीए यूपीए की देन है. यूपीए सरकार ने जिसको चाहा उसे लोन दिलाने का काम किया. लेकिन ये सरकार अब जरूरतमंद लोगों को लोन दे रही है.

सोते रहे केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार
इस दौरान केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ला के साथ केंद्रीय श्रम रोजगार मंत्री संतोष गंगवार भी मौजूद थे. सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संतोष गंगवार लगातार सोते नजर आए.