नई दिल्ली: कर्नाटक नतीजों से पहले मोदी सरकार के मंत्रियों के विभाग में बड़े बदलाव हुए हैं. स्मृति ईरानी की जगह केन्द्रीय युवा कार्यक्रम और खेल राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राज्यवर्धन राठौड़ अब नए सूचना मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनेंगे.पीयूष गोयल अब देश के नये वित्त मंत्री होंगे. अरूण जेटली की खराब सेहत के कारण पीयूष गोयल को अस्थायी जिम्मेदारी दी गई है.

 

एसएस अहलूवालिया का भी मंत्रालय बदला गया

 

पीयूष गोयल को वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया . इसका मतलब यह है कि पीयूष गोयल नए वित्त मंत्री हैं जब तक जेटली हॉस्पिटल में हैं. स्मृति ईरानी से सूचना मंत्रालय छीना गया लेकिन उनके पास कपड़ा मंत्रालय रहेगा. एसएस अहलूवालिया का भी मंत्रालय बदला गया. केंद्रीय मंत्री अल्फोंस कनन्नथानम को इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय से हटा दिया गया है. अब अहलूवालिया इलेक्ट्रॉनिक्स राज्य मंत्री होंगे.

 

कौन हैं राज्यवर्धन राठौड़?

अब आपको बता दें कि होने वाले नये सूचना मंत्री राठौड़ ने 1990 के दशक के मध्य में शूटिंग रेंज में कदम रखा था, इसके बाद वह ओलंपिक खेलों में भारत के पहले व्यक्तिगत रजत पदकधारी बने थे. 2004 एथेंस ओलंपिक में पुरूषों की डबल ट्रैप स्पर्धा में वह दूसरे स्थान पर रहे थे.

ओलंपिक इतिहास रचने से एक साल पहले उन्होंने सिडनी में 2003 विश्व चैम्पियनशिप में रजत पदक जीता था. एथेंस खेलों से पहले राठौड़ को सेना की मार्कमैनशिप यूनिट के साथ दो साल के लिये दिल्ली तैनात किया गया था जिससे उन्हें शहर की तुगलकाबाद शूटिंग रेंज में अभ्यास करने में मदद मिली.

राज्यवर्धन राठौड़ के पिता सेना में रहे कर्नल

राठौड़ ने फ्रेक्चर और प्रोलेप्स्ड डिस्क से उबरकर ओलंपिक पदक जीता था. एथेंस ओलंपिक में क्वालीफायर में पांचवें स्थान पर रहकर उन्होंने फाइनल के लिये क्वालीफाई किया और रजत जीता. सैन्य परिवार में जन्में राठौड़ ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी का इम्तिहान पास किया और भारतीय सेना की सेवा शुरू की जिसमें दो साल तक कश्मीर में आतंकवादियों से भिड़ना भी शामिल रहा और उनकी मां का मानना है कि इससे वह ओलंपिक फाइनल के दौरान अच्छी लय में रहे. दूसरी पीढ़ी के सैन्य अधिकारी राठौड़ जयपुर की ‘नाइन ग्रेनेडियर्स’ से जुड़े, जिसकी उनके पिता कर्नल (सेवानिवृत्त) लक्ष्मण सिंह राठौड़ ने कमान संभाली थी.

भारतीय सेना से समयपूर्व सेवानिवृत्ति लेने के बाद राठौड़ 2013 में भारतीय जनता पार्टी से जुड़े और मई 2014 में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद उन्होंने सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री का पद संभाला.