नई दिल्लीः अनिल अंबानी की रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) को करीब 1.78 अरब डॉलर का कर्ज देने वाले चाइना डेवलपमेंट बैंक ने कंपनी द्वारा कर्ज भुगतान में चूक करने के बाद आरकॉम के खिलाफ नैशनल कॉरपोरेट लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) के मुंबई पीठ में मामला दर्ज कराया है। बैंकिंग से जुड़े सूत्रों ने कहा कि भारतीय कर्जदाता चाइना डेवलपमेंट बैंक की याचिका पर आपत्ति जता सकते हैं क्योंकि वे पहले से ही आरकॉम के साथ कर्ज निपटान योजना पर काम कर रहे हैं।

चीन के बैंक ने यह कदम भारतीय कर्जदाताओं द्वारा आरकॉम  के 45,700 करोड़ रुपए के कर्ज को इक्विटी में बदलने के निर्णय लेने से महज कुछ हफ्तों पहले उठाया है। इससे मामले में कानूनी पेच फंस सकता है। ऋणशोधन एवं दिवालिया संहिता के मुताबिक जब किसी कंपनी को एनसीएलटी में ले जाया जाता है और अदालत को याचिका में दम नजर आता है तो वह निपटान पेशेवरों की नियुक्ति करती और कंपनी के निदेशक मंडल को निलंबित कर दिया जाता है। इसके बाद निपटान पेशेवर कंपनी की परिसंपत्तियों की नीलामी की प्रक्रिया का निर्णय करते हैं।

इस बारे में जानकारी के लिए आरकॉम के प्रवक्ता से संपर्क किया गया लेकिन उन्‍होंने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। हालांकि कंपनी के अंदरूनी लोगों ने कहा कि उन्हें चाइना डेवलपमेंट बैंक या एनसीएलटी से अभी कोई निर्देश नहीं मिला है।  चाइना डेवलपमेंट बैंक ने इससे पहले मई में आरकॉम-एयरसेल के विलय के खिलाफ याचिका दायर कर उसका खाका मांगा था कि कंपनी अपना कर्ज का भुगतान कैसे करेगी। हालांकि आरकॉम-एयरसेल विलय का सौदा नहीं हो पाया, जिसके बाद आरकॉम ने एनसीएलटी से विलय याचिका वापस ले ली।