नई दिल्ली, जेएनएन। पिछले चार वर्षो की सफलता ने विराट कोहली को मानसिक रूप से अलग स्तर पर पहुंचाया है। कप्तान को आगामी टेस्ट सीरीज में ब्रिटेन की जनता को दिखाना चाहिए कि क्यों उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के रूप में देखा जाता है। यह मानना है भारतीय टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री का।

2014 में इंग्लैंड के पिछले दौरे पर पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में 13.50 की मामूली औसत से कोहली ने रन बनाए थे जिसमें 1, 8, 25, 0, 39, 28, 0, 7, 6 और 20 के स्कोर शामिल थे। आगामी सीरीज के लिए सभी की निगाहें विराट पर हैं जिन्होंने पिछले चार वर्षो में दुनिया के सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में एक के रूप में खुद को विकसित किया है।

पिछले 4 साल में कोहली का रिकॉर्ड देखिए

शास्त्री ने कहा कि कोहली के रिकॉर्ड को देखिए। पिछले चार वर्षो में उन्होंने जो कुछ किया है, उसे मुझे बताने की जरूरत नहीं है। जब आप उस तरीके से प्रदर्शन करते हैं, तो आप मानसिक रूप से एक अलग स्तर पर भी पहुंच जाते हैं। जैसी भी परीक्षा आए, आप उसका इंतजार करते हैं। वह चार साल पहले जब यहां आया था तब बेशक एक साधारण सीरीज रही होगी। लेकिन चार वर्षो बाद वह दुनिया का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी है और वह ब्रिटेन की जनता को बताएंगे कि वह क्यों दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी हैं।

शास्त्री का मानना है कि विराट आक्रमक क्रिकेट खेलने में यकीन रखते हैं जो इंग्लैंड की तरह एक मुश्किल दौरे के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि निडर क्रिकेटर खेलो। खुद पर भरोसा करें। अपना स्वभाविक खेल खेलो। नतीजे सामने देखने को मिलेंगे। हमें थोड़ा मजा भी आएगा। हम आक्रामक हैं। हम जीतने के लिए खेलते हैं। इस सीरीज में हम जीतने के लिए खेल रहे हैं। हम यहां मुकाबले ड्रॉ करने नहीं आए हैं और ना ही संख्या बढ़ाने आए हैं।

हम प्रत्येक मुकाबला जीतने के लिए खेलते हैं और अगर हम जीतने की कोशिश में हार गए तो हम इसे दुर्भाग्य समझेंगे। हम जब तक हारने से ज्यादा जीतते रहेंगे हमें खुशी मिलती रहेगी। भारतीय कोच चाहते हैं कि सीमित ओवर के क्रिकेट में अपार जीत के बाद अब टीम इंडिया लाल गेंद की क्रिकेट (टेस्ट क्रिकेट) में भी लगातार अच्छा प्रदर्शन करे।

टेस्ट में बनना है बेस्ट

शास्त्री ने कहा कि हमने सफेद गेंद की क्रिकेट में असाधारण रूप से अच्छा प्रदर्शन किया है। हमने दक्षिण अफ्रीका में लाल गेंद की क्रिकेट में अपने बेहतर प्रदर्शन से अच्छे संकेत दिखाए हैं। हम इसे आगे ले जाना चाहते हैं। विदेशों में लाल गेंद से लगातार अच्छा प्रदर्शन करना हमारे लिए चुनौती है।

हमें यकीन है कि हममें विदेशों में खेलने वाली सबसे अच्छी टीम बनना ही क्षमता है। मौजूदा समय में दुनिया की कोई भी ऐसी टीम नहीं है जो विदेशों में जाकर अच्छा प्रदर्शन करती है। आप देख सकते हैं कि श्रीलंका में दक्षिण अफ्रीका के साथ क्या हो रहा है। हमें पता है कि इससे पहले इंग्लैंड में (2011 में 0-4 से और 2014 में 1-3 से हारे) हमारा प्रदर्शन बहुत खराब रहा है। हम उससे बहुत अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं।

पुजारा की जगह को कोई खतरा नहीं

शास्त्री ने चेतेश्वर पुजारा का बचाव किया और कहा कि टीम में उनकी बेहद अहम भूमिका है। शास्त्री ने कहा कि यह मेरे लिए चिंता की बात नहीं है। पुजारा के पास उनकी भूमिका है। वह अपनी भूमिका जानता है, क्योंकि नंबर तीन पर बल्लेबाजी करना एक अहम भूमिका है। मुझे लगता है कि वह अपने फॉर्म को हासिल करने से केवल एक पारी दूर है। उसे क्रीज पर समय बिताने की जरूरत है। अगर उसने 60-70 रन की एक पारी खेल दी तो वह पूरी तरह से एक अलग खिलाड़ी साबित होगा। मेरी जिम्मेदारी है कि मैं बता दूं कि वह भी इस दिशा में सोच रहा है।

पुजारा लंबे समय से टीम की बल्लेबाजी का अहम हिस्सा रहे हैं। आप जानते हैं कि वह क्या कर सकते हैं। उन्हें बल्लेबाजी करना पसंद है और हम चाहते हैं कि वह बस यही करें। टीम में केएल राहुल की भूमिका पर शास्त्री ने कहा कि उसे (राहुल) तीसरे सलामी बल्लेबाज के रूप में चुना गया है। लेकिन हमारा बल्लेबाजी क्रम हमेशा लचीला होगा।

तीसरा सलामी बल्लेबाज शीर्ष चार क्रम में कहीं भी खेल सकता है। इसके लिए हम तैयार हैं। भुवी और बुमराह की चोट से भारतीय टीम की गेंदबाजी कमजोर हो सकती है लेकिन शास्त्री के मुताबिक उनके पास एक टेस्ट में 20 विकेट हासिल करने वाले गेंदबाज मौजूद हैं