इंग्लैंड में पहली टेस्ट सीरीज फतह

मैच- 03, नतीजा- भारत 1-0 से जीता

39 साल से इंग्लैंड में भारतीय टीम का चला आ रहा इंतजार आखिरकार खत्म हुआ। 1971 में अजीत वाडेकर की अगुआई में भारत ने इंग्लैंड में अपनी पहली टेस्ट सीरीज फतह की। सीरीज में लॉ‌र्ड्स और ओल्ड ट्रेफर्ड में खेले गए शुरुआती दोनों टेस्ट ड्रॉ रहे लेकिन ओवल टेस्ट में भारतीय टीम ने पहली पारी में 71 रनों से पिछड़ने के बावजूद मेजबान टीम को चार विकेट से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। दूसरी पारी में भारत ने भागवत चंद्रशेखर के छह विकेटों की मदद से इंग्लैंड को महज 101 रनों पर ढेर कर दिया। इस सीरीज में चंद्रशेखर के अलावा दिलीप सरदेसाई, एस वेंकटराघवन, गुंडप्पा विश्वनाथ, बिशन सिंह बेदी और युवा सुनील गावस्कर शामिल थे। सीरीज में भारत की ओर से कप्तान अजीत वाडेकर ने सबसे ज्यादा 204 रन बनाए जबकि एस वेंकटराघवन ने सबसे ज्यादा 13 विकेट हासिल किए।

फ्लैश बैक: 1974

लॉ‌र्ड्स में 42 रनों पर ढेर हुए भारतीय शेर

मैच-03, नतीजा- इंग्लैंड 3-0 से जीता

पिछले दौरे पर अजीत वाडेकर की अगुआई में भारत ने ऐतिहासिक सीरीज जीत हासिल की थी। ऐसे में एक बार फिर उनकी देख रेख में भारतीय टीम 1974 में इंग्लैंड के दौरे पर गई लेकिन एक बार फिर भारतीय टीम की वहां दुर्गति हुई। माइक डेनिस की अगुआई वाली इंग्लिश टीम ने भारत को तीन मैचों की सीरीज में क्लीन स्वीप किया। मैनचेस्टर में खेले गए टेस्ट में सुनील गावस्कर के शतक के बावजूद भारत को हार मिली। इसके बाद लॉ‌र्ड्स टेस्ट में भारत को पारी और 285 रनों के विशाल अंतर से हार झेलनी पड़ी। इस टेस्ट की दूसरी पारी में भारतीय टीम क्रिस ओल्ड की धारदार गेंदबाजी के सामने महज 42 रनों पर ढेर हो गई। इस स्कोर की वजह से इस दौरे को समर ऑफ 42 के नाम से जाना जाता है। दूसरे टेस्ट की करारी हार के बाद तीसरे टेस्ट में भी इसका असर दिखा और भारत को बर्मिघम में पारी और 78 रनों से शिकस्त झेलनी पड़ी। इसी दौरे पर भारत ने अपना पहला वनडे मैच खेला जहां भारत को चार विकेट से हार मिली। इस दौरे के बाद अजीत वाडेकर ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था।

फ्लैश बैक 1979 :

गावस्कर का ऐतिहासिक दोहरा शतक

मैच-04, नतीजा- इंग्लैंड 1-0 से जीता

1979 में भारत चार टेस्ट मैचों की सीरीज खेलने इंग्लैंड गया जहां उसे तीन टेस्ट ड्रॉ कराने के बावजूद 1-0 से सीरीज गंवानी पड़ी। सीरीज के पहले ही मुकाबले में डेविड गोवर के दोहरे शतक के दम पर इंग्लैंड ने पारी के अंतर से भारत को हराया। इसके बाद अगले तीनों टेस्ट ड्रॉ रहे। चौथे टेस्ट में भारत को 438 रनों का विशाल लक्ष्य मिला था जहां सुनील गावस्कर ने 221 रनों की ऐतिहासिक पारी खेलकर भारत को जीत की दहलीज पर ला खड़ा किया था। गावस्कर जब आउट हुए तब भारत को जीत के लिए 51 रन चाहिए थे और उसके पास छह विकेट शेष थे लेकिन भारत आठ विकेट खोकर 429 रन ही बना सका और भारत एक ऐतिहासिक जीत से महरूम रह गया।