छतरपुर। जिले की दूरस्थ जनपद पंचायत गौरिहार इन दिनों जमकर सुर्खिंयां बटोर रही है। जहां एक ओर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतिपाल सिंह बागरी का सम्मान हुआ है वहीं दूसरी ओर जनपद अध्यक्ष रामविशाल वाजपेयी द्वारा सीईओ पर भ्रष्टाचार सहित शासकीय योजनाओं व नियमों में घपला करने के कई संगीन आरोप लगाये गये हैं। हालांकि इस तरह की खबर प्रकाशित होने के बाद बौखलाये सीईओ द्वारा एक न्यूज पेपर के स्थानीय सम्पादक को नोटिस भी जारी किया गया है लेकिन उनका नोटिस कलम को रोकने में असमर्थ साबित हुआ। जनपद पंचायत गौरिहार में शासन की योजनाएं दम तोड़ रहीं हैं तो वहीं विकास कार्यो के लिये आ रहे बजट में भारी स्तर पर भ्रष्टाचार की सुगबुगाहट है। गौरिहार जनपद की ग्राम पंचायत टिकरी में एक ऐसी सीसी सडक़ है जिसे दो बार डाल दिया गया। अब सवाल यह उठता है कि कहीं कहीं तो मुरमीकरण भी नहीं है और ग्राम टिकरी में एक बार सीसी सडक़ डलने के बाद एक बार फिर डल गई।
इसी पंचायत के हितग्राही चुन्नीलाल प्रजापति ने बताया कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ केवल धनवान व्यक्तियों को मिल रहा है। गरीब आशियाना विहीन ही रह रहा है। शासन की घोषणाएं केवल अधिकारियों तक सीमित हैं जिनका लाभ वे अपनी मनमर्जी से अपने चाहने वालों को दे रहे हैं। सूत्रों के अनुसार जनपद की ग्राम गोहानी का सरपंच सीईओ प्रतिपाल सिंह बागरी का रिश्तेदार है। इस कारण इस पंचायत पर सीईओ साहब की खास मेहरबानी रहती है यहां पर सैकड़ों मजदूरों के फर्जी बैंक खाते खुलवाकर राशि निकालकर शासन को लाखों रुपये का चूना लगाया जा चुका है। यहां के निर्धन गरीब, असहाय, वृद्ध एवं विकलांग सभी वर्गो के लोग सरपंच की कार्यशैली से बेहद असंतुष्ट हैं। एक ग्रामीण ने बताया कि वे जब कुछ ग्रामीणों के साथ पेंशन न मिलने की शिकायत लेकर सीईओ के पास पहुंचे तो उनका कहना था कि आप लोग चिंता मत करो अपनी पासबुक ही जला दो सारी समस्याओं का हल हो जायेगा। शासन के स्वच्छ भारत अभियान की बात की जाये तो खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। नाम न छापने की शर्त पर हितग्राहियों ने बताया कि हमारे केस पास तो हुए हैं लेकिन राशि हमारे हाथ में नहीं आई है। ठेकेदार द्वारा गुणवत्ताविहीन शौचालय बना दिये गये हैं। जिनमें से कई शौचालय तो ऐसे हैं जो बनने के कुछ दिनों बाद ही क्रेक हो गये हैं तो कई शौचालय कागजों में सरपट दौड़ रहे हैं। इस कारण ग्रामीण खुले में शौच जाने के लिये मजबूर हैं वहीं सौ दिन रोजगार का शासन ने तो वादा कर दिया लेकिन अधिकारियों द्वारा आपसी तालमेल बनाकर मशीनों से काम कराया जा रहा है इस कारण मजदूर पलायन करने को विवश हैं वहीं जनपद अध्यक्ष द्वारा सीईओ पर परेई सरपंच के साथ मिलकर अवैध रेत का कारोबार करने के भी आरोप लगाये है l