मुंबई, एएनआइ। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई पर इस बार मानसून ज्यादा ही मेहरबान नजर आ रहा है। सड़कों पर वाहन फंस गए हैं और रेल सेवा पर भी बुरा प्रभाव पड़ा है। मुंबई में रातभर रुक-रुक कर बारिश होती रही, भारी बारिश की वजह से अधिकतर इलाकों में जल भराव की समस्या देखी जा रही है जिसके चलते लोगों को काफी कठिनाई हो रही है। भारी बारिश के चलते सोमवार को स्कूल कॉलेज बंद कर दिये गये थे। मुंबई के डिब्बावालों ने भी आज अपनी सेवाएं देने से मना कर दिया है। ईस्टर्न एक्सप्रेस वे का किंग सर्किल भी पूरी तरह से जलमग्न हो गया है।

महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े ने कहा कि आपदा प्रबंधन के अनुसार मुंबई में जलभराव की कोई समस्या नही है। आपदा प्रबंधन समस्याओं से निपटने का हर संभव प्रयास कर रहा है। चिंता की कोई बात नही है हम हर स्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

निचले इलाकों में जल भराव की वजह से यातायात का बुरा हाल है। वडाला रेलवे स्टेशन की पटरियो पूरी तरह से पानी में डूब गई है। जिसका असर लोकल ट्रेन पर देखा जा रहा है।

मुंबई के वडाला, पालघर और बाकुल्ला में भी जलभराव के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जगह-जगह जलभराव के कारण मुंबई के डिब्बावाले भी आज अपनी सेवा नही दे पाएंगे। भारी बारिश के कारण, वसाई और विरार के बीच स्थानीय रेल सेवाएं फिलहाल रोक दी गयी हैं।

मुंबई में लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में घुटने तक पानी जमा हो जाने से स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी की घोषणा कर दी गई है। मौसम विभाग का कहना कि सोमवार को इस सीजन की सबसे तेज व ज्यादा बारिश हुई। घने बादल छाने से अंधियारा सा छा गया, जिससे आवाजाही पर असर पड़ा। कमजोर दृश्यता के बाद भी विमानों की उड़ानें समय पर हुईं। पटरियों पर जलजमाव से लोकल ट्रेनें 15 मिनट तक देरी से चलीं। पश्चिम रेलवे के कुछ हिस्सों में पटरियां डूबने से ट्रेनों को रोका गया।

दफ्तरों में छुट्टी का आलम: स्कूल कॉलेजों ने तो छुट्टी घोषित कर दी, लेकिन मौसम के रुख को देखते हुए ज्यादातर कामकाजी दफ्तर नहीं पहुंच पाए।

कोलाबा में सात इंच : दक्षिण मुंबई की कोलाबा वेधशाला में बीते 24 घंटे में 170.6 मिमी (करीब सात इंच) वर्षा रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग मुंबई के उपमहानिदेशक केस होसालीकर ने बताया कि यह इस सीजन में 24 घंटे के दौरान सर्वाधिक वर्षा है। सांताक्रूज मौसम केंद्र पर 122 मिमी (करीब पांच इंच) वर्षा दर्ज की गई।

पड़ोसी जिलों में भी हो रही है  बारिश : होसालीकर ने कहा कि मुंबई के पड़ोसी जिलों पालघर, रायगढ़ और दक्षिण कोंकण क्षेत्र के कुछ हिस्सों में भी रविवार शाम से 200 मिमी वर्षा हुई है। इसके चलते सामान्य जीवन पर असर पड़ा है।

मौसम विभाग का कहना है कि मुंबई, कोंकण क्षेत्र और गोवा को मूसलाधार बारिश से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को नागपुर में हुई भारी बरसात के कारण विधानमंडल के वर्षाकालीन सत्र की कार्यवाही डेढ़ घंटे के लिए रोकनी पड़ी थी। एक दिन पहले नागपुर में शुरू हुई बरसात दौर वहां भी अभी जारी है। शुक्रवार को वहां 266 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। परंपरागत रूप से महाराष्ट्र विधानमंडल का शीतकालीन सत्र नागपुर में होता आया है। लेकिन इस बार महाराष्ट्र सरकार ने शीतकालीन सत्र मुंबई में और वर्षाकालीन सत्र नागपुर में करने का निर्णय किया और यह निर्णय उसके लिए सिर मुंड़ाते ही ओले पड़ने जैसा हो गया। शुक्रवार और शनिवार को विधानभवन में पानी भरने के कारण सरकार को चौतरफा आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। नागपुर शहर ने भी बरसात का ऐसा मंजर लंबे समय बाद देखा है। लोगों के घरों में पानी घुसने के बाद सड़कों पर रबड़ की नौकाएं चलानी पड़ीं। नागपुर सहित संपूर्ण विदर्भ में बरसात जारी है।

पिछले सप्ताह ही भारी बरसात के कारण मुंबई के अंधेरी स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पार करने के लिए बना एक पुराना फुटओवर ब्रिज गिर गया था। अंधेरी क्षेत्र में पश्चिम एक्सप्रेस हाइवे पर यातायात जाम के कारण लोगों को विमानतल पहुंचने में भी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।