इस्लामाबाद, रायटर। आतंकियों को समर्थन देने के चलते पाकिस्तान से नाराज चल रहे ट्रंप प्रशासन ने इसके प्रति अपना रुख और सख्त कर लिया है। इसने एक दशक से ज्यादा समय से जारी पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों को गुप्त रूप से दिया जाने वाला प्रशिक्षण और शैक्षणिक कार्यकमों पर रोक लगाना शुरू कर दिया है। इन कार्यक्रमों को दोनों देशों के बीच घनिष्ठ सहयोग का उदाहरण माना जाता था।

अमेरिका द्वारा इसी साल पाकिस्तान की रक्षा सहायता में कटौती का यह पहला असर माना जा रहा है। पेंटागन या पाकिस्तानी सेना की ओर से इस मुद्दे पर अभी औपचारिक रूप से कोई बयान नहीं आया है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि उन्हें डर है कि इस फैसले से आपसी विश्वास बढ़ाने के प्रयासों को नुकसान पहुंचेगा। दूसरी तरफ, पाकिस्तानी अधिकारी आगाह कर रहे हैं कि इससे उनको सैन्य प्रशिक्षण के लिए चीन या रूस का सहयोग लेना पड़ेगा।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि ‘अंतरराष्ट्रीय सैन्य शिक्षा और प्रशिक्षण कार्यक्रम’ के तहत इस साल 66 पाकिस्तानी अधिकारियों को प्रशिक्षण देने की योजना थी। इन प्रशिक्षण केंद्रों को फिलहाल बंद किया जा रहा है। इसके बदले या तो अन्य देशों के अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा अथवा ऐसे ही इन केंद्रों को खाली छोड़ दिया जाएगा। यह अभी स्पष्ट नहीं है कि ‘अंतरराष्ट्रीय सैन्य शिक्षा और प्रशिक्षण कार्यक्रम’ से इतर और किन मामलों में दोनों देशों का सैन्य सहयोग जारी है।